गुरुवार को दोनों कीमती धातुओं के दाम में आई तेजी
Gold Price Update (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : भारतीय सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं के दाम में गुरुवार को भी उतार चढ़ाव का सिलसिला जारी रहा। सर्राफा बाजार के जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक स्तर पर तनाव एक बार फिर से बढ़ सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच बन रहे मौजूदा हालात आने वाले दिनों में पश्चिमी एशिया की तनाव बढ़ा सकते हैं जिससे आने वाले दिनों में इन दोनों के दाम में एक बार फिर से तेजी देखने को मिल सकती है। सोने-चांदी की कीमतों में गुरुवार को उतार-चढ़ाव के बाद तेजी देखने को मिली।
इस तरह रही दोनों की कीमत
चांदी की कीमत 5300 रुपये की तेजी के साथ 2.48 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव बढ़कर 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। एमसीक्स पर अप्रैल डिलीवरी के लिए सोने के अनुबंध 365 रुपये या 0.23 प्रतिशत बढ़कर 1,56,126 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहे थे, जिसमें 1,071 लॉट का कारोबार हुआ। सोने की कीमतें स्थिर रहीं, जबकि चांदी ने दो दिन की गिरावट के बाद फिर से तेजी दिखाई। लूनर न्यू ईयर के चलते एशिया के कई बाजार बंद रहे, जिससे ट्रेडिंग सीमित रही और निवेशकों का फोकस अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी ब्याज दर फैसले पर टिका हुआ है।
भारतीय शेयर बाजार ने लगाया गोता
तीन दिन की अच्छी बढ़त के बाद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर से बड़ी गिरावट दर्ज की गई। दिन की शुरुआत से ही शेयर बाजार लाल निशान पर काम करने लगा। जैसे-जैसे दिन बीता यह गिरावट लगातार बढ़ती चली गई और दिन के अंत में इसमें बड़ी गिरावट दर्ज की गई। जानकारों का कहना है कि शेयर बाजार में यह गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते आई है। जिससे व्यापक स्तर पर बिकवाली हुई और भारतीय बाजार में मंदी का माहौल छा गया। वहीं कुछ का कहना है कि अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती की दिशा को लेकर अनिश्चितता और रुपये की निरंतर कमजोरी ने घरेलू बाजार को प्रभावित किया।
इस तरह रहा सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1236.11 अंक या 1.48 प्रतिशत गिरकर 82,498.14 पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 365.00 अंक या 1.41 प्रतिशत गिरकर 25,454.35 पर बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इंडिगो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, अदानी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टेक महिंद्रा, आईटीसी, इटरनल और पावरग्रिड प्रमुख रूप से पिछड़ने वाली कंपनियां रहीं।
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