पश्चिम एशिया तनाव के चलते दोनों कीमती धातुओं के दाम में अनिश्चितता जारी
Gold Price Update (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : पश्चिमी एशिया तनाव का असर वैश्विक बाजार के साथ-साथ भारतीय सर्राफा बाजार में साफ दिखाई दे रहा है। दोनों कीमती धातुओं सोना और चांदी के दाम में लगातार अनिश्चितता का माहौल है। दोनों के दाम कभी ऊपर जा रहे हैं तो कभी इनमें कमजोरी आ रही है। मौजूदा समय में भी मजबूत अमेरिकी डॉलर और वैश्विक मौद्रिक नीति में दर कटौती की अनिश्चितता के कारण शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में कीमती धातुओं की कीमतों में चार फीसदी तक की गिरावट आई। चांदी 11,000 रुपये गिरकर 2,65,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।
सोना 2,000 रुपये फिसलकर 1,63,200 रुपये प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ। चांदी 3.97 फीसदी की गिरावट के साथ 2,65,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर बंद हुई, जो गुरुवार के 2,76,500 रुपये प्रति किलोग्राम के बंद स्तर से कम है। सरार्फा बाजार में 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 1.21 फीसदी की गिरावट के साथ 1,63,200 रुपये प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ। पिछले सत्र में यह 1,65,200 रुपये प्रति दस ग्राम पर था। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने बताया कि घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर मजबूत अमेरिकी डॉलर और मौद्रिक नीति में ढील की बदलती उम्मीदों का लगातार दबाव रहा।
शेयर बाजार धड़ाम, निवेशकों के 10 लाख करोड़ साफ
पश्चिम एशिया तनाव का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर दिखाई दे रहा है। क्रूड आॅयल में लगातार तेजी और डॉलर के मुकाबले रुपए की गिरती कीमत के चलते शेयर बाजार लगातार लाल निशान पर कार्य कर रहा है। शुक्रवार को सप्ताह के अंतिम और लगातार तीसरे सत्र में भी शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। इसी के चलते भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। इस दौरान निवेशकों की कुल पूंजी में से 10 लाख करोड़ रुपए एक ही दिन में साफ हो गए।
इस तरह रहा सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
1,470.50 अंक या 1.93 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,563.92 पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 488.05 अंक या 2.06 प्रतिशत गिरकर 23,151.10 पर बंद हुआ। रुपया 20 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.45 (अस्थायी) के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। तेज बिकवाली के चलते बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण से करीब 10 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से लार्सन एंड टुब्रो, टाटा स्टील, एसबीआई, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, मारुति और अल्ट्राटेक सीमेंट प्रमुख रूप से पिछड़ने वाली कंपनियों में से थीं।
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