हरियाणा के रेल यात्रियों के लिए लंबे इंतजार के बाद बड़ी खुशखबरी सामने आई है। रोहतक-महम-हांसी रेलवे ट्रैक के निर्माण के बाद जिस ऐतिहासिक पल का लोग वर्षों से इंतजार कर रहे थे, वह अब हकीकत बनने जा रहा है। भारतीय रेलवे ने इस रूट पर पहली बार सुपरफास्ट ट्रेन के संचालन का फैसला लिया है, जिससे हिसार, हांसी और महम जैसे इलाकों को सीधी लंबी दूरी की रेल सुविधा मिलने जा रही है।
इंदौर और नई दिल्ली के बीच चलने वाली सुपरफास्ट ट्रेन संख्या 20957/20958 का विस्तार अब हिसार रेलवे स्टेशन तक कर दिया गया है। आगामी 12 मार्च को इस ट्रेन को हिसार स्टेशन से औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। यह फैसला न केवल रोहतक-महम-हांसी रेल सेक्शन के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा, बल्कि इस पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति देगा।
रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार ट्रेन संख्या 20957 इंदौर से 11 मार्च को रवाना होगी और 12 मार्च की सुबह नई दिल्ली, सफदरजंग और शकूर बस्ती होते हुए रोहतक, महम और हांसी रेलवे ट्रैक से सफर करती हुई हिसार पहुंचेगी। वहीं वापसी में ट्रेन संख्या 20958, 12 मार्च को हिसार से रवाना होकर इसी रूट से होते हुए इंदौर के लिए प्रस्थान करेगी। इस नए रूट के शुरू होने से भिवानी होकर जाने की मजबूरी खत्म हो जाएगी, जिससे यात्रियों का समय और किराया दोनों बचेंगे।
अब तक इस रेलखंड पर केवल पैसेंजर और डेमू ट्रेनों का ही संचालन होता था। ऐसे में पहली बार सुपरफास्ट ट्रेन की घोषणा होने से हांसी, महम और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे इलाके की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रियों को बेहतर रेल सुविधाएं मिलेंगी।
इस ट्रेन के जरिए हिसार, हांसी और महम का सीधा जुड़ाव इंदौर, कोटा और मथुरा जैसे बड़े शहरों से हो जाएगा। खासतौर पर उन छात्रों को बड़ा फायदा मिलेगा जो कोचिंग के लिए कोटा या उच्च शिक्षा के लिए इंदौर का रुख करते हैं। अब उन्हें बार-बार ट्रेन बदलने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा। इसके साथ ही दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए भी एक अतिरिक्त और सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध हो जाएगा।
रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि सुपरफास्ट ट्रेन का संचालन शुरू होने से न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि व्यापार, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा। रोहतक-महम-हांसी-हिसार रेल सेक्शन पर यह कदम हरियाणा के रेल नेटवर्क को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

