IMD Weather Update 3 November 2026: नवंबर का महीना शुरू होते ही उत्तर भारत में मौसम तेजी से बदलने लगा है। कुछ राज्यों में हल्की सर्दी देखने को मिल रही है, तो पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के शानदार नजारे दिख रहे हैं। उत्तर भारत में मौसम में धीरे-धीरे ठंडक बढ़ने लगी है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में फिलहाल मौसम सामान्य है। इन राज्यों में दिन में हल्की गर्माहट रहती है, जबकि सुबह और रात के समय तापमान में गिरावट हो रही है। दूसरी ओर पहाड़ी राज्यों में ऊंचाई वाले इलाकों में सर्दी का असर तेज हो रहा है। देश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के कारण भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में उथल-पुथल का खतरा बना हुआ है।
दिल्ली-NCR में आज कैसा रहेगा मौसम?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और आसपास के इलाकों में 3 नवंबर को मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। सुबह के समय हल्की धुंध या धुंधलापन देखने को मिल सकता है, लेकिन दिन चढ़ने के साथ आसमान साफ होने की संभावना है। बारिश को लेकर फिलहाल कोई चेतावनी नहीं है। सुबह-शाम हल्की ठंडक और दोपहर में अपेक्षाकृत गर्मी महसूस होगी। दिल्ली में फिलहाल कड़ाके की ठंड का इंतजार करना होगा।
हरियाणा में दिन में धूप, सुबह-शाम ठंडक
हरियाणा के ज्यादातर जिलों में 3 नवंबर को मौसम साफ और शुष्क रहने की संभावना है। राज्य में फिलहाल बारिश की संभावना नहीं है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, झज्जर, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, करनाल, कैथल, जींद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, सिरसा और फतेहाबाद में दिन के समय धूप निकल सकती है। वहीं पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और करनाल जैसे उत्तरी जिलों में तापमान अन्य हिस्सों की तुलना में थोड़ा कम रह सकता है। राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 से 17 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।
पंजाब में सुबह-शाम महसूस होगी ठंड
पंजाब में भी 3 नवंबर को मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रहने का अनुमान है। अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर, लुधियाना, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, संगरूर, बरनाला, मलेरकोटला, मोगा, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा में अधिकांश समय मौसम शुष्क रह सकता है। दिन में धूप निकलने से तापमान सामान्य रूप से सुहावना रहेगा, जबकि सुबह और रात में हल्की ठंड बढ़ने के संकेत हैं। सुबह के समय कुछ स्थानों पर हल्की धुंध रहने की संभावना है। फिलहाल पंजाब में भारी बारिश या तेज आंधी का कोई संकेत नहीं है।
हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में बढ़ेगी ठंड
हिमाचल प्रदेश में नवंबर की शुरुआत के साथ ठंड का असर मैदानी इलाकों की तुलना में अधिक महसूस किया जा रहा है। शिमला, कुफरी, मनाली, कुल्लू, मंडी, चंबा, कांगड़ा, धर्मशाला, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना और किन्नौर के मौसम में ऊंचाई के अनुसार अंतर बना रहेगा। लाहौल-स्पीति, किन्नौर और ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में रात के समय तापमान काफी नीचे जा सकता है। शिमला, मनाली और कुफरी में सुबह-शाम ठंडी हवाएं चल सकती हैं। राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में हाल ही में बर्फबारी भी देखने को मिली है, जिससे ठंड बढ़ सकती है।
यूपी, राजस्थान, उत्तराखंड का हाल
उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में मौसम अलग-अलग रूप दिखा सकता है। उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में सुबह धुंध और कोहरा देखने को मिल सकता है। राजस्थान में फिलहाल मौसम में बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं। उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल, अल्मोड़ा, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में ऊंचाई के अनुसार तापमान में अंतर रहेगा। वहीं जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, गुलमर्ग, पहलगाम, जम्मू, कुपवाड़ा और बारामूला में ठंड का असर बढ़ने लगा है। मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, सागर और ग्वालियर संभाग में कुछ स्थानों पर बादल, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में भी 3 और 4 नवंबर को कई स्थानों पर बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर में चक्रवात मुरासु का असर
देश के पूर्वी, दक्षिणी और पूर्वोत्तर हिस्सों में मौसम की सबसे बड़ी गतिविधि चक्रवाती तूफान मुरासु से जुड़ी हुई है। IMD के अनुसार गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु के 2 नवंबर की मध्यरात्रि से 3 नवंबर की सुबह के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार करने का अनुमान था। इसके दौरान हवा की रफ्तार 100-110 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों में 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका जताई गई थी। आंध्र प्रदेश में विशेष सतर्कता जरूरी है। तेलंगाना, रायलसीमा और तमिलनाडु में भी भारी बारिश का खतरा है। ओडिशा के गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी में तेज हवाओं और बारिश की आशंका है। केरल, कर्नाटक, पुडुचेरी और अंडमान-निकोबार में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वी भारत में पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। पूर्वोत्तर में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक की संभावना है। IMD ने समुद्र में खराब परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों को निर्धारित अवधि तक प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी है। तटीय इलाकों के लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

