दो अरब उपभोक्ताओं और वैश्विक जीडीपी के लगभग एक-चौथाई हिस्से को जोड़ने वाला साझा आर्थिक ढांचा तैयार होने की उम्मीद
Business News Hindi (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : पूरा विश्व वर्तमान समय में अजीब स्थिति से गुजर रहा है। अमेरिका जहां एक तरफ टैरिफ को एक हथियार के रूप में प्रयोग कर रहा है तो वहीं दुनिया के बहुत सारे देश अमेरिका के इस रवैये से परेशान हैं। भारत भी उन देशों में से एक है जिसे कई माह तक अमेरिका के उच्च टैरिफ का सामना करना पड़ा। हालांकि भारत ने बिना समय गवाए अपनी व्यापारिक नीति बदली और विश्व के अन्य बाजार व्यापार के लिए तलाश किए। इसी समय में भारत ने दर्जनों व्यापार समझौते किए। इन समझौतों में से एक है भारत और यूरोपीय संघ(ईयू) के बीच पिछले दिनों हुआ एफटीए।
इसलिए अहम है यह समझौता
यूरोपीय संघ (ईयू) और भारत के बीच हाल में घोषित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को वैश्विक भू-राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। इसे मदर आॅफ आॅल डील्स बताते हुए कहा गया है कि यह समझौता ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्रीय संप्रभुता पर दबाव, दंडात्मक टैरिफ और बहुपक्षीय संस्थाओं की कमजोरी जैसे कारक नई विश्व व्यवस्था का संकेत दे रहे हैं। यह व्यापार समझौता यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उसुर्ला वॉन डेर लेयेन, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और भारत के प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संयुक्त रूप से घोषित किया गया। समझौते के तहत करीब दो अरब उपभोक्ताओं और वैश्विक जीडीपी के लगभग एक-चौथाई हिस्से को जोड़ने वाला साझा आर्थिक ढांचा तैयार होने की उम्मीद है।
आपसी समझदारी, गतिशीलता का प्रतीक
कोपेनहेगन विश्वविद्यालय की एशियन स्टडीज प्रोफेसर रविंदर कौर ने लिखा है कि भारत-ईयू साझेदारी का व्यापक दायरा बहुपक्षीय संस्थाओं के प्रति प्रतिबद्धता, सुरक्षा व रक्षा सहयोग, अनुसंधान, गतिशीलता, कनेक्टिविटी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ते जुड़ाव की दिशा में बढ़ती समानता को दर्शाता है। उनके अनुसार, जैसे-जैसे अमेरिका पश्चिमी गोलार्ध की ओर सिमट रहा है, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र यूरोपीय संघ के साथ नए सहयोग के लिए अधिक खुला होता जा रहा है।
पोस्ट-यूएस विश्व का स्वरूप अब आकार लेने लगा है
रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘पोस्ट-यूएस विश्व’ का स्वरूप अब आकार लेने लगा है और ईयू-भारत का यह व्यापक व्यापार समझौता उसी प्रक्रिया का हिस्सा है। हाल ही में ब्रुसेल्स ने दक्षिण अमेरिकी व्यापार समूह मकोर्सुर के साथ भी व्यापार समझौता किया है, जबकि कई अन्य समझौते प्रक्रिया में हैं। दूसरी ओर, भारत ने हाल के महीनों में यूके और न्यूजीलैंड के साथ भी व्यापार समझौते किए हैं।

