व्यापार समझौते होने से भारत की पहुंच दुनिया भर के बाजारों तक आसान हुई
India Trade Policy (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : देश के केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि पिछले कुछ समय में जैसे ही वैश्विक व्यापार के हालात बदले तो भारत ने बिना समय गवाए अपनी व्यापार नीति में भी बड़े परिवर्तन किए। हमने एक देश के साथ अपनी व्यापार निर्भरता को कम करते हुए दुनिया में कई नए बाजार तलाश किए। इस सबका फायदा भारत के व्यापार को हुआ और आज हमारी पहुंच दुनिया के कई नई बजारों तक हो चुकी है। गोयल ने कहा कि भारत की बातचीत कई बड़े देशों और क्षेत्रों के साथ चल रही है या समझौते हो चुके हैं।
इनमें अमेरिका, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, आॅस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं। इसके अलावा यूरोप के चार देशों के समूह ईएफटीए (स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, लिकटेंस्टीन और आइसलैंड) के साथ भी समझौते हुए हैं। खाड़ी क्षेत्र में यूएई और ओमान के साथ समझौते हो चुके हैं और गल्फ कोआॅपरेशन काउंसिल के अन्य देश भी भारत के साथ समझौते में रुचि दिखा रहे हैं।
इन क्षेत्रों के लिए नए बाजार मिले
भारत द्वारा किए गए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) देश के फार्मास्यूटिकल, हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए नए अंतरराष्ट्रीय बाजार खोल रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन समझौतों के जरिए भारत वैश्विक व्यापार में अपनी स्थिति को और मजबूत बना रहा है। पोस्ट-बजट वेबिनार में बोलते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले लगभग साढ़े तीन वर्षों में भारत ने कुल नौ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं।
इनमें से पांच समझौते पिछले एक साल के भीतर ही पूरे हुए हैं। इन समझौतों के कारण अब दुनिया के लगभग दो-तिहाई व्यापारिक बाजार भारत के लिए खुले हैं। उन्होंने कहा कि इन समझौतों के तहत भारत को कई देशों में कम आयात शुल्क और बेहतर बाजार पहुंच मिलती है। इससे भारतीय कंपनियों को अपने उत्पादों को विदेशों में बेचने के अधिक अवसर मिलते हैं और निर्यात बढ़ाने का रास्ता खुलता है।
किसानों से लेकर उद्योगपतियों तक सबको मिला फायदा
पीयूष गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि मुक्त व्यापार समझौते केवल बड़े उद्योगों के लिए नहीं होते, बल्कि किसानों, मछुआरों, एमएसएमई, छोटे उद्योगों और व्यापारियों को भी इनसे लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि खास तौर पर फार्मा और मेडिकल उपकरण बनाने वाली कंपनियों के लिए ये समझौते काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं। भारत को पहले से ही दुनिया में ‘फामेर्सी आॅफ द वर्ल्ड’ के रूप में पहचाना जाता है, इसलिए इस क्षेत्र में भारत के पास बड़ी संभावनाएं हैं।

