रक्षा अधिग्रहण परिषद ने खरीद प्रस्ताव को दी मंजूरी
India Rafale Fighter Jet Deal, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: भारत फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदेगा। रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने आज राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट कमेटी आॅन सिक्योरिटी के पास भेजा जाएगा। वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के 17-20 फरवरी के 3 दिवसीय भारत दौरे पर सौदा हो सकता है।
प्रस्ताव को 16 जनवरी को रक्षा खरीद बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी थी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, नए राफेल विमानों की खरीद से एयर डिफेंस और बॉर्डर एरिया में तैनाती की क्षमता मजबूत होगी। इस डील की कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपए बताई जा रही है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली कमेटी ने कॉम्बैट मिसाइलों और एयर-शिप बेस्ड हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट्स के प्रपोजल को भी मंजूरी दी है। इन सभी सौदों की कुल कीमत 3.60 लाख करोड़ रुपए है।
डसॉल्ट एविएशन एक भारतीय कंपनी के साथ मिलकर बनाएंगी विमान
यह सौदा मेक इन इंडिया के तहत किया जाएगा। डसॉल्ट एविएशन एक भारतीय कंपनी के साथ मिलकर इन विमानों को बनाएगी। हाल ही में डसॉल्ट ने डसॉल्ट रिलायंस एयरोस्पेस लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी 49% से बढ़ाकर 51% कर ली है। इस जॉइंट वेंचर में अनिल अंबानी की रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर भी भागीदार है। डसॉल्ट सभी 114 राफेल जेट में भारतीय हथियार, मिसाइल और गोला-बारूद को इंटीग्रेट करेगा। साथ ही सुरक्षित डेटा लिंक भी उपलब्ध कराएगा, जिससे विमानों को भारतीय रडार और सेंसर सिस्टम से जोड़ा जा सकेगा।
रक्षा बजट के लिए 7.8 लाख करोड़ मिले
केंद्रीय बजट 2026-27 में रक्षा मंत्रालय को 7.8 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जो कुल बजट का 14.67% है। आधुनिकीकरण के लिए निर्धारित 2.19 लाख करोड़ रुपए में से 1.85 लाख करोड़ रुपए पूंजीगत खरीद के लिए तय किए गए हैं, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 24% अधिक है।
टेक्नोलॉजी ट्रांसफर भी देगी कंपनी
कंपनी एयरफ्रेम निर्माण के लिए टेक्नोलॉजी ट्रांसफर भी देगी। इंजन निर्माता साफ्रान और एवियोनिक्स कंपनी थेल्स भी इस प्रक्रिया का हिस्सा होंगी। टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पूरा होने के बाद इन विमानों में स्वदेशी कंटेंट 55 से 60 फीसदी तक होने की उम्मीद है।
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