हालांकि अभी पूरी तरह से बंद नहीं होगा आयात, भारत ने स्थिति की स्पष्ट
Crude Oil Import From Russia (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : भारत आने वाले कुछ समय में रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद कर सकता है। हालांकि फिलहाल इसमें बहुत ज्यादा कमी आ चुकी है। दरअसल पिछले स्पताह अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ समाप्त करने और व्यापार समझौता जल्द होने की घोषणा के बाद भारत ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। ज्ञात रहे कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को इस संबंध में एक्जीक्यूटिव आॅर्डर पर हस्ताक्षर किए और कहा कि भारत की रूसी तेल आयात रोकने की प्रतिबद्धता के बाद यह कदम उठाया गया है।
पिछले ऑर्डर पूरे किए जाएंगे, नए नहीं देंगी रिफाइनरियां
सूत्रों के अनुसार, भारतीय रिफाइनरियों को अभी तक रूस से तेल खरीद पूरी तरह रोकने का कोई औपचारिक आदेश नहीं मिला है, लेकिन अनौपचारिक तौर पर खरीद कम करने को कह दिया गया है। आमतौर पर तेल के ऑर्डर 6 से 8 हफ्ते पहले दिए जाते हैं, इसलिए पहले से तय सौदों को पूरा किया जाएगा, लेकिन नए ऑर्डर नहीं दिए जाएंगे। हिंदुस्तान पेट्रोलियम, मंगलूर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स और मित्तल एनर्जी जैसी कंपनियों ने भारत अमेरिका डील के बाद से ही रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया है।
वहीं, इंडियन आॅयल कॉपोर्रेशन और भारत पेट्रोलियम अब धीरे-धीरे अपनी खरीद घटा रही है। देश की सबसे बड़ी खरीदार रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी पिछले साल रोसनेफ्ट और लुकोइल पर अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद खरीद रोक दी थी। हालांकि, 1.5 लाख बैरल का एक खेप दोबारा शुरू की गई थी, जिसकी डिलीवरी अगले कुछ हफ्तों में होनी है। इसके बाद रिलायंस के भी पूरी तरह खरीद बंद करने की संभावना है। खरीदने की नीति से छूट या विशेष व्यवस्था दी जा सकती है।
रूस से आयात पहले ही घट रहा
सूत्रों ने बताया कि अमेरिका द्वारा रोसनेफ्ट और लुकोइल पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से भारत का रूस से तेल आयात पहले ही घट रहा है। दिसंबर 2025 में औसतन आयात 12 लाख बैरल प्रतिदिन रहा, जो मई 2023 में 21 लाख बैरल प्रतिदिन के शिखर स्तर से काफी कम है। जनवरी में यह घटकर 11 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया। अनुमान है कि फरवरी या मार्च में यह 10 लाख बैरल प्रतिदिन से भी नीचे जा सकता है। अमेरिका के साथ नए समझौते के बाद इसमें आधी तक गिरावट आ सकती है।
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