महामंडलेश्वरों पर बयान देना पड़ा भारी
Mamta Kulkarni, (द भारत ख़बर), मुंबई: हिंदी सिनेमा की पूर्व एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी पिछले साल जनवरी में किन्नड़ अखाड़े में शामिल हुई थीं। हालांकि, हाल ही में उन्होंने एक ऐसा बयान दिया, जिसके बाद उन्हें किन्नर अखाड़े से बाहर निकाल दिया गया है। अखाड़े की प्रमुख महामंडलेश्वर डॉ। लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने ममता को अखाड़े से बाहर किए जाने की जानकारी दी है। उनका कहना है कि अखाड़े से अब ममता कुलकर्णी का कोई रिश्ता नहीं है।
वो अब इस अखाड़े की सदस्य नहीं हैं। महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि पदाधिकारी संग बैठक करने के बाद ये फैसला लिया गया है। उन्होंने ये भी कहा, अखाड़े में महिला भी हैं, पुरुष भी और किन्नर भी। हम किसी तरह का विवाद नहीं चाहते हैं। मौनी अमावस्या के दिन हुई बटुकों की पिटाई से हम भी नाराज हैं। दरअसल, हाल ही में अविमुक्तेश्वरानंद पर ममता कुलकर्णी का बयान सामने आया था।
ममता कुलकर्णी का बयान
ममता कुलकर्णी ने कहा था कि 10 में से 9 महामंडलेश्वर और तथाकथित शंकराचार्य झूठे हैं। उन्होंने ये भी कहा था कि उन्हें शून्य ज्ञान है। उन्होंने महामंडलेश्वरों पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने ये भी कहा था, मैं काफी कठोर हूं। मुझे सबसे मुक्त होना है। आप शंकराचार्य को देखिए, उनके लिए सबसे पहले अहंकार है। अहंकार को त्याग देना चाहिए। उनको क्या लगा कि बीजेपी अयोध्या में नहीं आई। उनको ऐसा लगता है कि बीजेपी इसलिए वहां नहीं आई क्योंकि उन्होंने कुछ कहा था। ऐसा कुछ नहीं है। ये उनकी भूल है।
प्रयागराज महाकुंभ के दौरान लिया था संन्यास
ममता कुलकर्णी के बयान के दो दिनों के बाद ही अब खबर आई है कि उन्हें किन्नर अखाड़े से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। पिछले साल प्रयागराज महाकुंभ के दौरान ममता ने संन्यास लिया था। उन्होंने किन्नड़ अखाड़े से दीक्षा ली थी। संन्यासी बनने के बाद ममता ने अपना नया नाम महामंडेलश्वर स्वामी जय अंबानंद गिरी रखा था। हालांकि, अब किन्नड़ अखाड़े की सदस्य नहीं रहीं।
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