कहा- उनके नक्सलियों से रिश्ते, ऐसा अपोजिशन लीडर इतिहास में नहीं देखा
Kiren Rijiju, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: राहुल गांधी भारत की सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक इंसान बन गए हैं। वे भारत विरोधी ताकतों से जुड़े हैं। वे नक्सलियों, उग्रवादियों और जॉर्ज सोरोस जैसे लोगों से मिलते हैं। यह कहना है केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू का। रिजिज ने यह बातें बुधवार को एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कहीं। रिजिजू ने आगे कहा कि संसद में राहुल का बर्ताव बचकाना और गैर-जिम्मेदाराना है।
एक लीडर आॅफ अपोजिशन पूरे विपक्ष को रिप्रेजेंट करता है। संसद के बाहर जाकर लोगों को देशद्रोही कहना, ड्रामा वाले सिट-इन करना और एक अनपब्लिश्ड किताब लहराना। यह सब बच्चों जैसा बर्ताव है। हमने भारत के इतिहास में ऐसा लीडर आॅफ अपोजिशन कभी नहीं देखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का काम सिर्फ संसद में हंगामा करना है।
कांग्रेस के पास कभी मजबूत लीडर हुआ करते थे, धीरे-धीरे कांग्रेस राहुल गांधी जैसी हो गई
कांग्रेस के सीनियर लीडर मणिशंकर अय्यर के इस बयान पर कि मैं गांधीवादी, नेहरूवादी, राजीववादी हूं, लेकिन राहुलवादी नहीं हूं। इस पर रिजिजू ने कहा कांग्रेस के पास कभी मजबूत लीडर हुआ करते थे, जिनकी बातों और काम में मैच्योरिटी थी। धीरे-धीरे कांग्रेस राहुल गांधी जैसी हो गई है और उनके आस-पास रहने वाले लोग भी उनके जैसे हो गए हैं। हम सोच भी नहीं सकते थे कि कांग्रेस ऐसी हो जाएगी।
राहुल गांधी लोकसभा में बिना मतलब के बोल रहे
रिजिजू ने कहा, राहुल गांधी के समर्थक भी अब उन्हें गंभीरता से क्यों नहीं लेते, क्योंकि राहुल बिना सच के बोलते हैं। अगर प्रधानमंत्री किसी से मिले हैं या अगर कोई डॉक्यूमेंट मौजूद हैं तो उन्हें पेश करें। वे बिना किसी आधार के प्रधानमंत्री का नाम जबर्दस्ती ले रहे हैं। रिजिजू ने पार्लियामेंट में गांधी के बर्ताव पर भी सवाल उठाया और कहा, राहुल गांधी लोकसभा में बिना मतलब के बोल रहे हैं। अगर आप अपोजिशन लीडर हैं तो क्या आप नियमों से ऊपर हैं?
लेफ्ट इकोसिस्टम राष्ट्रवाद का विरोध करता है
रिजिजू ने आगे दावा किया कि भारत में 15-20% लेफ्ट इकोसिस्टम राष्ट्रवाद का विरोध करता है और भारत के डिफेंस, सिक्योरिटी और धार्मिक पहचान को समस्या मानता है। राहुल गांधी को आम जनता के बजाय इसी सेगमेंट से सपोर्ट मिल रहा है।
विपक्षी सांसद स्पीकर के चैंबर में घुसे और प्रदर्शन किया
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर रिजिजू ने कहा कि स्पीकर का काम सदन की कार्यवाही चलाना, सरकारी काम को आगे बढ़ाना और विपक्षी सांसदों को बोलने का मौका देना है। जिस तरह से विपक्षी सांसद स्पीकर के चैंबर में घुसे और प्रदर्शन किया। स्पीकर ओम बिरला ने संयम और नरमी दिखाई। अगर सोमनाथ चटर्जी स्पीकर होते तो शायद वे सभी को सस्पेंड कर देते।
कांग्रेस सांसदों ने की स्पीकर से बदसलूकी
दरअसल 11 फरवरी को भाजपा ने दावा किया था कि प्रियंका गांधी, वेणुगोपाल सहित कांग्रेस के सीनियर लीडर्स ने स्पीकर के चैंबर्स में उनसे बदसलूकी की। हालांकि, बाद में विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश कर दिया। इसमें 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं।
अविश्वास प्रस्ताव के गिरने के बाद ही लोकसभा जाएंगे स्पीकर ओम बिरला
सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि ओम बिरला अब लोकसभा नहीं जाएंगे। अविश्वास प्रस्ताव के गिरने के बाद ही वे स्पीकर की चेयर संभालेंगे। विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में 9 मार्च को चर्चा हो सकती है। 13 फरवरी को बजट सत्र के वर्तमान सेशन का आखिरी दिन था। इसके बाद 8 मार्च से सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होगी।
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