करीब 92 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर दो पोत 26-27 मार्च को भारतीय बंदरगाह पर पहुंचेंगे
LPG Shortage in India (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ किए जा रहे हमलों और समूचे पश्चिम एशिया में फैले तनाव के बीच भारत में एलपीजी आपूर्ति लगातार मजबूत हो रही है। पिछले दिनों जहां पूरे देश में एलपीजी गैस वितरण में थोड़ी परेशानी देखी गई वहीं अब यह लगभग सामान्य होती दिखाई दे रही है।
इसी बीच पेट्रोलियम मंत्रालय के द्वारा दी गई ताजा जानकारी में यह बात स्पष्ट हुई है कि 23 मार्च को दो और भारतीय ध्वज वाले एलपीजी टैंकर युद्ध प्रभावित होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे। ये जहाज 26 या 27 मार्च को भारतीय तट पर पहुंचने की उम्मीद है। एलपीजी टैंकर पाइन गैस करीब 45,000 टन एलपीजी ले जा रहा है और 27 मार्च को न्यू मैंगलोर बंदरगाह पहुंचेगा। जग वसंत 47,612 टन एलपीजी के साथ 26 मार्च को गुजरात के कांडला पहुंचेगा। इन दोनों जहाजों में कुल 92,612 टन एलपीजी है और 33 तथा 27 भारतीय नाविक सवार हैं।
इससे पहले भी लगभग इतनी एलपीजी आई थी भारत
इससे पहले, एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी, जिनमें करीब 92,712 टन एलपीजी थी, सुरक्षित भारतीय तट पर पहुंच चुके थे। शिवालिक 16 मार्च को गुजरात के मुंद्रा पहुंचा था, जबकि नंदा देवी 17 मार्च को कांडला बंदरगाह पहुंची थी। युद्ध शुरू होने पर होर्मुज जलडमरूमध्य में कुल 28 भारतीय ध्वज वाले जहाज थे। इनमें से 24 जलडमरूमध्य के पश्चिमी तरफ और चार पूर्वी तरफ थे।
पिछले कुछ दिनों में, प्रत्येक तरफ से दो जहाज सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे हैं। अब युद्ध क्षेत्र में 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज बचे हैं, जिनमें से 20 जलडमरूमध्य के पश्चिमी तरफ 540 नाविकों के साथ हैं, जबकि दो पूर्वी तरफ हैं। पश्चिमी तरफ फंसे जहाजों में करीब 2.3 लाख टन खाना पकाने वाली गैस वाले पांच एलपीजी वाहक शामिल हैं। इसके अलावा, एक तरलीकृत प्राकृतिक गैस टैंकर, चार कच्चे तेल के टैंकर, एक रासायनिक उत्पाद ले जाने वाला जहाज, तीन कंटेनर जहाज, दो बल्क वाहक और तीन जहाज नियमित रखरखाव के लिए ड्राई डॉक में थे।
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