कहा, देश अपनी जरूरतों का 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है
LPG Supply (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बार फिर से देश के लोगों को आश्वस्त किया है कि देश में एलपीजी के स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है और देशभर में जरूरत की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। यह भी कहा गया है कि देश के पास अपनी जरूरतों का पर्याप्त ऊर्जा भंडार सुरक्षित है और किसी तरह से घबराने की आवश्यकता नहीं है।
मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने फिर एक बार साफ तौर पर कहा है कि वर्तमान भू-राजनीतिक हालात के कारण एलपीजी आपूर्ति प्रभावित जरूर हुई है, लेकिन सरकार ने आम उपभोक्ताओं की रसोई को इससे पूरी तरह सुरक्षित रखा है। देश की 60 प्रतिशत एलपीजी जरूरतें आयात से पूरी होने के बावजूद, घरेलू उपयोग के लिए 100 प्रतिशत गैस आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
किसी वितरक के पास गैस की कमी नहीं
सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में किसी भी एलपीजी वितरक के पास गैस की कमी की कोई सूचना नहीं है। केवल एक दिन में ही 51 लाख से अधिक घरों में एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी की गई है। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एलपीजी की आॅनलाइन बुकिंग 98 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि 92 प्रतिशत डिलीवरी ओटीपी के माध्यम से हो रही है। शर्मा के मुताबिक, कमर्शियल एलपीजी पर कुछ असर पड़ा था, लेकिन इसे भी अब लगभग 70 प्रतिशत तक बहाल कर दिया गया है। इसके साथ ही फार्मास्यूटिकल्स, कृषि, फूड, पैकेजिंग और पेंट्स जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर्स के लिए बल्क नॉन-डोमेस्टिक एलपीजी की आपूर्ति भी सामान्य कर दी गई है।
भारत हर स्थिति पर रख रहा नजर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर बहुत करीब से नजर रख रहा है। इसी रणनीतिक पहल के तहत, विदेश मंत्री 11 से 12 अप्रैल 2026 तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे, जहां दोनों देशों के नेतृत्व के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर चर्चा होगी।
इसके अलावा, पेट्रोलियम मंत्री भी 9 और 10 अप्रैल, 2026 को कतर के दौरे पर हैं और भारत खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के अन्य देशों के साथ भी लगातार संपर्क में है। जायसवाल ने पड़ोसी देश बांग्लादेश के साथ संबंधों पर अपडेट देते हुए कहा कि हाल ही में बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने भारत का दौरा किया था और भारत अपनी रिफाइनिंग क्षमता व घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बांग्लादेश को ऊर्जा उत्पादों की आपूर्ति जारी रखे हुए है।
ये भी पढ़ें : Indian Railway : विकसित भारत की राह को आसान बनाएगा रेलवे

