दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक IAS विक्रम सिंह ने बुधवार को सिरसा पहुंचकर बिजली व्यवस्था से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को सुरक्षा तथा उपभोक्ता सेवाओं में सुधार के लिए सख्त निर्देश जारी किए। इस दौरान उन्होंने सड़कों के बीच खतरनाक तरीके से लगे बिजली के खंभों को हटाने और रिहायशी क्षेत्रों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों की शिफ्टिंग के कार्य में तेजी लाने के आदेश दिए, ताकि संभावित हादसों को रोका जा सके।
सिरसा स्थित सर्कल कार्यालय में आयोजित ऑपरेशनल रिव्यू कमेटी की बैठक में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंहने बिजली आपूर्ति, उपभोक्ता सेवाओं और विभिन्न योजनाओं की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिजली से जुड़ी किसी भी प्रकार की शिकायत को अधिकारी गंभीरता से लें और उसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान उन्होंने विशेष रूप से ‘मेरा गांव जगमग गांव’ योजना की प्रगति की समीक्षा की और निर्देश दिए कि जिन गांवों में अभी तक कार्य अधूरा है, वहां निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एमडी विक्रम सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फील्ड स्टाफ और प्रशासनिक अधिकारी उपभोक्ताओं के प्रति जवाबदेह रहें और इस बात का ध्यान रखें कि किसी भी तकनीकी खराबी या बिलिंग से जुड़ी समस्या के लिए लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता संतुष्टि और सेवा गुणवत्ता में सुधार निगम की प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में ट्यूबवेल कनेक्शनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई और लंबित आवेदनों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए समय पर बिजली उपलब्ध हो सके। इसके अलावा सोलर उपभोक्ताओं की लंबित बिलिंग को जल्द पूरा करने और बिलिंग प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
एमडी ने लाइन लॉस को कम करने के लिए अधिकारियों को ठोस और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रबंधन और निगरानी के माध्यम से बिजली वितरण प्रणाली को मजबूत किया जा सकता है और इससे निगम की कार्यक्षमता में भी सुधार होगा।
इस समीक्षा बैठक में निगम मुख्यालय और स्थानीय स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें निदेशक (ऑपरेशन) विपिन गुप्ता, मुख्य अभियंता (कमर्शियल) अनिल शर्मा, मुख्य अभियंता (ऑपरेशन) राजेंद्र सभरवाल सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। सिरसा सर्कल से कार्यकारी अभियंता और एसडीओ स्तर के अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की समीक्षा बैठकों से न केवल बिजली व्यवस्था में सुधार होता है, बल्कि उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान भी तेजी से सुनिश्चित किया जा सकता है। दक्षिण हरियाणा में बिजली ढांचे को मजबूत करने और दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

