
बोले- किसी महिला के चरित्र पर सार्वजनिक मंच से टिप्पणी करना निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण
Vikramaditya Singh, (द भारत ख़बर), शिमला: योग गुरु बाबा रामदेव और भाजपा सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनोट के बीच चल रहे विवाद में हिमाचल के मंत्री विक्रमादित्य सिंह की भी एंट्री हो गई है। विक्रमादित्य सिंह ने भाजपा सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनोट का पक्ष लेते हुए बाबा रामदेव के बयान से असहमति जताई।
विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर लिखा कि वह कंगना रनोत की राजनीतिक विचारधारा से सहमत नहीं हैं और Gen-Z के बारे में उनके बयान का समर्थन भी नहीं करते, लेकिन किसी महिला के चरित्र पर सार्वजनिक मंच से टिप्पणी करना निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।
असहमति विचारों से हो सकती है, भाषा और मर्यादा हमेशा सम्मानजनक होनी चाहिए
विक्रमादित्य ने आगे लिखा कि बाबा रामदेव को चाहिए कि वह अपने शब्द वापस लें और कंगना से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगे। उन्होंने कहा कि असहमति विचारों से हो सकती है, लेकिन भाषा और मर्यादा हमेशा सम्मानजनक होनी चाहिए।
बाबा रामदेव ने क्या कहा था?
योग गुरु बाबा रामदेव ने Gen-Z को लेकर कंगना रनोट के जेनरेशन गटर वाले बयान की आलोचना की थी। उन्होंने एक टीवी चैनल के इंटरव्यू में कहा कि देश के युवाओं को गटर जेनरेशन कहना खराब मानसिकता को दर्शाता है। रादेव ने कहा था, उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को, Gen-Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए।
कंगना ने भी किया था पलटवार
कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बाबा रामदेव पर पलटवार करते हुए लिखा, बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है।
कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।
कैसे शुरू हुआ था विवाद
दरअसल, ॠील्ल-े को लेकर कंगना रनोत की टिप्पणी के बाद विवाद शुरू हुआ था। कंगना ने जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के संदर्भ में Gen-Z को लेकर कड़ी टिप्पणी की थी और इसे गटर जनरेशन तक कहा था। तब कंगना ने महिलाओं और लड़कियों को लेकर भी विवादित टिप्पणी की।
कंगना ने लिखा, सबसे शर्मनाक बात उन युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है, जो स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी के साथ आने वाली जिम्मेदारियों को नहीं निभाना चाहतीं।
असल में स्वतंत्र महिलाएं विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की पूरी जिम्मेदारी भी उठाती हैं। उन्हें अपने कर्मों की कीमत खुद चुकानी पड़ती है। वे अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर ऐसा नहीं करतीं।
गटर जेनरेशन कहने पर बढ़ा विवाद
कंगना ने आगे लिखा, आज तथाकथित वेस्टर्न सोच से प्रभावित भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी सामने आई है। मैं इन्हें गटर जेनरेशन कहती हूं। इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं, लेकिन इतनी बदसूरत सोच और भ्रष्ट मानसिकता रखती हैं कि अच्छी हाउसवाइफ भी नहीं बन सकतीं। हालांकि, बाद में उन्होंने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा था कि उनकी टिप्पणी पूरी Gen-Z के लिए नहीं थी, बल्कि एक खास तरह के प्रदर्शन और उसमें शामिल लोगों को लेकर थी।
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