कहा, जी-20 देशों में सबसे ज्यादा तेजी से विकास करेगी भारत की अर्थव्यवस्था
Business News (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : विपरीत वैश्विक परिस्थितियों और टैरिफ के दबाव के बाजवूद तेजी से विकास कर रहे देशों में भारत की विकास दर पिछले साल सबसे ज्यादा रही थी। भारत सरकार के प्रयासों के चलते अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक हालात का मामूली से प्रभाव भी इसके विकास पर दिखाई नहीं दिया था। अब जबकि अमेरिका ने भारत के खिलाफ टैरिफ दरें काफी कम कर दी हैं और दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए सहमत हो गए हैं तो जाहिर सी बात है कि भारत की विकास दर नई ऊंचाई भी छूऐगी।
मूडीज ने यह अनुमान जताया
वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने सोमवार को भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एक उत्साहजनक रिपोर्ट जारी की है। एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि अगले वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी 6.4% की दर से बढ़ेगी। मूडीज के मुताबिक, इस रफ्तार के साथ भारत जी-20 देशों के समूह में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। मुख्य कारण मूडीज ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि भारत की इस मजबूत आर्थिक वृद्धि के पीछे मुख्य कारण घरेलू खपत और सरकार द्वारा उठाए गए नीतिगत कदम हैं।
एजेंसी ने विशेष रूप से सितंबर 2025 में हुए वस्तु एवं सेवा कर के युक्तिकरण और व्यक्तिगत आयकर सीमा में की गई बढ़ोतरी का जिक्र किया है। मूडीज का मानना है कि इन सुधारों से उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति बढ़ी है, जो खपत-आधारित विकास को सहारा देगी।
सरकारी अनुमानों से तुलना
हालांकि, मूडीज का 6.4% का अनुमान भारत सरकार के अपने अनुमानों से थोड़ा रूढ़िवादी है। पिछले महीने संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में वित्त मंत्रालय ने ऋ27 के लिए 6.8% से 7.2% की विकास दर का अनुमान लगाया था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष (2025-26) में भारत की विकास दर 7.4% रहने की उम्मीद है, जो कि 2024-25 में दर्ज की गई 6.5% की वृद्धि से काफी बेहतर है।
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