New Expressway: राजस्थान की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार एक और बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट लाने की तैयारी में है। दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे को जामनगर–अमृतसर एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए एक नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रस्तावित किया गया है। यह एक्सप्रेसवे जयपुर शहर के बेहद नजदीक से होकर गुजरेगा, जिससे पिंक सिटी के दक्षिणी इलाकों में विकास की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।
पचपदरा रिफाइनरी की दूरी होगी 100 KM कम
इस नए एक्सप्रेसवे के बनने से पचपदरा रिफाइनरी तक की दूरी करीब 100 किलोमीटर कम हो जाएगी। साथ ही यात्रा समय में 2 से 3 घंटे की बचतहोगी।
फिलहाल दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे से बालोतरा या पचपदरा जाने के लिए वाहनों को जयपुर, अजमेर, ब्यावर और जोधपुर जैसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों से गुजरना पड़ता है, जहां सफर 10 घंटे से भी ज्यादा का हो जाता है।
अरण्य कलां से बालोतरा तक बनेगा New Expressway
प्रस्तावित ग्रीनफील्ड New Expressway की शुरुआत दौसा–लालसोट एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज पॉइंट अरण्य कलां से होगी।
यह एक्सप्रेसवे:
जयपुर के दक्षिणी इलाके से गुजरेगा
बालोतरा के पटाउ खुर्द के पास
जामनगर–अमृतसर एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा
इसकी कुल लंबाई लगभग 400 किलोमीटर होगी।
7 जिलों को मिलेगा सीधा कनेक्शन
यह नया एक्सप्रेसवे राजस्थान के 7 प्रमुख जिलों को सीधे कनेक्ट करेगा:
जयपुर में यह एक्सप्रेसवे जयपुर रिंग रोड (टोंक रोड) से मात्र 9–10 किलोमीटर की दूरी पर रहेगा।
जयपुर जिले के 200 से ज्यादा गांव होंगे कवर
जयपुर जिले में यह New Expressway:
कोटखावदा, चाकसू, वाटिका, तूंगा, रेनवाल मांझी, फागी, मौजमाबाद, दूदू और साखून
जैसे क्षेत्रों से होकर गुजरेगा।
करीब 110 किलोमीटर का हिस्सा केवल जयपुर जिले में आएगा, जिससे:
जयपुर–टोंक हाईवे
जयपुर–अजमेर हाईवे
सीधे तौर पर कनेक्ट हो जाएंगे।
इसके अलावा यह:
पुष्कर–मेड़ता मार्ग
NH-25 (ब्यावर–बाड़मेर)
NH-62 (पिंडवाड़ा)
से भी जुड़ेगा, जिससे मारवाड़ और शेखावाटी क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा।
उद्योग, लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट को बूस्ट
यह नया ग्रीन कॉरिडोर:
पचपदरा रिफाइनरी
बाड़मेर इंडस्ट्रियल बेल्ट
के लिए बेहद अहम साबित होगा।
दिल्ली–मुंबई और जामनगर–अमृतसर जैसे बड़े आर्थिक कॉरिडोर आपस में जुड़ेंगे, जिससे माल परिवहन तेज और सस्ता होगा।
जयपुर के दक्षिणी इलाकों—चाकसू, कोटखावदा और फागी—में जमीन के रेट बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
DPR तैयार, जल्द शुरू होगा भूमि अधिग्रहण
इस प्रोजेक्ट की DPR (Detailed Project Report) तैयार की जा रही है। मंजूरी मिलते ही:
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होगी
जिलेवार जिम्मेदारी संबंधित कलेक्टरों को दी जाएगी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की समीक्षा बैठक में भी इस एक्सप्रेसवे को प्राथमिकता प्रोजेक्ट बताया गया है।
ग्रीन कॉरिडोर के रूप में होगा विकसित
इस New Expressway को पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाएगा। इसमें:
वन्यजीव क्रॉसिंग
बड़े पैमाने पर पौधारोपण
इको-फ्रेंडली डिजाइन
शामिल होंगे। किसानों को उचित मुआवजा देने की प्रक्रिया भी साथ-साथ चलेगी।


