भारत का अपने देश में लगातार 13 मैच के बाद जीत का सिलसिला टूटा
Cricket News Hindi (द भारत ख़बर), खेल डेस्क : गत रात्रि न्यूजीलैंड की टीम ने इतिहास रचते हुए भारतीय टीम को उसकी ही धरती पर एकदिवसीय सीरीज में 2-1 से हराकर नया इतिहास रच दिया। न्यूजीलैंड की टीम ने भारतीय सरजमीं पर 38 साल बाद पहली बार एकदिवसीय सीरीज में विजय हासिल की है। गत दिवस इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले में कीवियों ने मैच के हर क्षेत्र में भारत से बेहतर प्रदर्शन किया। टीम इंडिया के पक्ष में इस मैच में दो बात ही रही।
एक कप्तान शुभमन गिल का टॉस जीतना और दूसरा न्यूीलैंड के पहले दो विकेट जल्दी झटक लेना। इसके अतिरिक्त पूरा मैच मेहमान टीम के नाम रहा। जिसके बाद कीवी टीम ने भारत को 41 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। इस हार के साथ भारत को इंदौर में भी पहली बार वनडे में शिकस्त झेलनी पड़ी, जहां उसने इससे पहले लगातार सात मैच जीते थे।
न्यूजीलैंड ने पहले खेलते हुए 337 रन बनाए
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी मेहमान टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स के शानदार शतकों की बदौलत निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट पर 337 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 46 ओवर में 296 रन पर सिमट गई। भारत की ओर से विराट कोहली ने बेहतरीन 124 रन की पारी खेली, जबकि हर्षित राणा ने 52 रन का योगदान दिया। भारतीय टीम के शीर्ष क्रम और मध्यम क्रम ने एक बार फिर से निराश किया।
रोहित शर्मा 11 रन बनाकर आउट हुए जबकि शुभमन गिल 23 रन ही बना सके। श्रेयस अय्यर और केएल राहुल भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे, जिससे भारत का स्कोर 71/4 हो गया। इसके बाद कोहली ने नीतीश कुमार रेड्डी (57 गेंदों पर 53 रन) के साथ अहम साझेदारी कर मैच में जान फूंकी। पूरे मैच में केवल विराट कोहली ही टीम की जीत के लिए जूझते दिखाई दिए।
कोहली ने 92 गेंद पर लगाया शतक
विराट कोहली ने एक बार फिर जबरदस्त खेल दिखाते हुए मात्र 92 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। यह विराट का 85वां अंतरराष्ट्रीय शतक रहा। वह शानदार फॉर्म में नजर आए और न्यूजीलैंड के खिलाफ सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। यह उनका वनडे में 54वां शतक है और भारत में यह कोहली के बल्ले से निकला 41वां शतक है। न्यूजीलैंड के खिलाफ 36 पारियों में उनके नाम सात शतक दर्ज हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने रिकी पोंटिंग, वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर और सनथ जयसूर्या को पीछे छोड़ दिया।

