फिल्मी स्टाइल में मिली थी पहली फिल्म
Pran Birth Anniversary, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: प्राण हिंदी सिनेमा के इतिहास के सबसे बेहतरीन कलाकारों में गिने जाते हैं। 40 के दशक में उन्होंने अपना एक्टिंग करियर शुरू किया था और दशकों तक लोगों के दिलों पर राज किया। वो विलेन के किरदार निभाया करते थे, लेकिन लोकप्रियता और सफलता किसी बड़े सुपरस्टार की तरह हासिल की थी। अपने करियर के पीक पर वो फीस के मामले में हीरो को भी पछाड़ देते थे। आज उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर हम आपको बताएंगे कि आखिर उन्हें अपनी पहली फिल्म कैसे मिली थी?
कृष्ण सिकंद था नाम
प्राब साहब का पूरा नाम प्राण कृष्ण सिकंद था। दिल्ली के बल्लीमारान इलाके में एक रईस परिवार में उनका जन्म 1920 में हुआ था। मधुमति, जिस देश में गंगा बहती है, उपकार, शहीद, पूरब और पश्चिम, राम और श्याम, जंजीर, डॉन और अमर अकबर एंथनी सहित 400 से भी ज्यादा फिल्मों में उन्होंने अपने बेहतरीन हुनर की छाप छोड़ी थी। एक्टर बनने से पहले उन्होंने दिल्ली की एक कंपनी ए दास & कंपनी में बतौर अप्रेंटिस काम किया था।
पान दुकान पर आॅफर हुई थी पहली फिल्म

ए दास & कंपनी ने लाहौर में अपनी एक ब्रांच खोली थी और काम के सिलसिले में अक्सर प्राण साहब लाहौर जाया करते थे। अक्सर वो वहां एक पान की दुकान पर भी जाते थे। एक दिन पान दुकान पर उनकी मुलाकात राइटर मोहम्मद वली से हुई थी जो उस वक्त अपनी एक फिल्म के लिए नए चेहरे की तलाश में थे।
वली ने प्राण को देखा तो उन्हें अपनी फिल्म आॅफर कर दी और उन्हें मिलने के लिए बुलाया। पहले तो प्राण ने इसमें दिलचसी नहीं दिखाई, लेकिन बाद में वो मोहम्मद वली से मिलने के लिए गए थे। इसके बाद उन्होंने फिल्म यमला जट्ट (1940) के जरिए अपना एक्टिंग करियर शुरू किया था। 22 मई को रिलीज हुई इस पिक्चर का डायरेक्शन मोती बी. गिदवानी ने किया था।

1997 में मिला था फिल्मफेयर लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
प्राण को साल 1997 में फिल्मफेयर के लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा अभिनेता को 2001 में पद्म भूषण और भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े अवॉर्ड दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से भी नवाजा गया था। प्राण ने 93 साल की उम्र में 12 जुलाई 2013 को मुंबई के लीलावती हॉस्पिटल में इस दुनिया को अलविदा कह दिया था।

