
बोले- हम अपने कल्चर को बर्बाद नहीं होने देंगे
Sikh Nagar Kirtan, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: न्यूजीलैंड में एक बार फिर से सिख समुदाय की ओर से निकाले गए नगर कीर्तन का विरोध किया गया है।डेस्टिनी चर्च से जुड़े ब्रायन टमाकी के समूह ने सड़कों पर उतरकर हाका डांस किया। टमाकी और उनके समर्थकों ने नारे लगाए। उन्होंने कहा कि ये किसकी गलियां हैं, हमारी गलियां हैं।
यहां पर सरेआम तलवारें और झंडे लहराने की इजाजत किसने दी। हम अपने कल्चर को इस तरह से बर्बाद नहीं होने देंगे। हम किसी को भी अपनी सड़कों और गलियों का इस्तेमाल हमारे देश के कल्चर को बिगाड़ने के लिए नहीं देंगे।
पारंपरिक हाका नृत्य के जरिए अपनी असहमति जताई
ब्रायन टमाकी समूह ने रविवार सुबह टौरंगा शहर में सिख समुदाय के नगर कीर्तन के खिलाफ लोगों को एकत्रित किया। जब सड़कों से नगर कीर्तन निकल रहा था तो एक पार्क में एकत्रित होकर टमाकी ने हाका प्रदर्शन किया। इस दौरान ट्रू पैट्रियोट्स नामक समूह ने विरोध दर्ज कराया। समूह ने हिंसा या तोड़फोड़ की जगह पारंपरिक हाका नृत्य के जरिए अपनी असहमति जताई।
20 दिन पहले भी किया गया था नगर कीर्तन विरोध
गौरतलब है कि करीब 20 दिन पहले भी साउथ आॅकलैंड के उपनगर मनुरेवा में भी ब्रायन टमाकी समर्थकों ने हाका किया था। इस दौरान नगर कीर्तन को रोक लिया गया था। पुलिस ने बीच-बचाव कर हाका खत्म करवाया था। सिखों ने भी वाहेगुरु जी का खालसा, श्री वाहेगुरुजी के फतेह के जयकारे लगाए थे।
हमारी सड़कें, हमारी गलियां नारे लगे
प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाकर कहा, हूज स्ट्रीट्स, आवर स्ट्रीट्स, हूज स्ट्रीट्स, कीवी स्ट्रीट्स। प्रदर्शन करने वालों ने कहा कि वे न्यूजीलैंड की पहचान और संस्कृति की रक्षा के लिए खड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हथियारों के साथ नगर कीर्तन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। न्यूजीलैंड की सड़कों पर तलवारें, खंजर जैसे हथियार दिखाए गए। उनका कहना है कि यह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा है, इसके पीछे एक एजेंडा है।
सरकार पर लगाया राष्ट्रीय पहचान की रक्षा नहीं करने का आरोप
ट्रू पैट्रियोट्स नामक ग्रुप ने न्यूजीलैंड सरकार के सामने अपना एजेंडा रखा। इसका बाकायदा घोषणापत्र जारी किया गया। इसमें उन्होंने मांग उठाई कि वे झंडे, परिवार, विश्वास और भविष्य की रक्षा करेंगे। न्यूजीलैंड को ईसाई नींव पर फिर से स्थापित करेंगे। सरकार पर आरोप लगाया कि उसने राष्ट्रीय पहचान की रक्षा नहीं की।
बाहरी लोगों निकालने की मांग, 31 को करेंगे प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर सरकार ने बाहरी लोगों को नहीं निकाला, दोबारा से इसाइयों को नहीं बसाया तो बड़ा आंदोलन होगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 31 जनवरी को आॅकलैंड हार्बर ब्रिज पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
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