2025 में बनाए गए नए श्रम कानून 2026 में होंगे लागू
New Labor laws 2025 (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : श्रम संगठनों की लंबे समय से चली आ रही मांग को वर्ष 2025 में पूरा करते हुए केंद्र सरकार और श्रम मंत्रालय ने दशकों पुराने श्रम कानूनों में बदलाव करते हुए नए श्रम कानून बना दिए। यह नए श्रम कानून आने वाले साल 2026 में लागू होंगे। इन कानूनों के लागू होने से लाखों परिवारों के करोड़ों लोगों की जिंदगी में परिवर्तन आने की उम्मीद है। नए श्रम कानून लोगों की आय में सुधार को सुनिश्चित करेंगे।
बिखरे कानूनों की जगह चार आधुनिक श्रम संहिताएं
29 पुराने और बिखरे कानूनों की जगह चार आधुनिक श्रम संहिताएं लागू होने से अब भारत का श्रम ढांचा व्यवसायों के लिए अधिक पारदर्शी और श्रमिकों के लिए ज्यादा सुरक्षित हो गया है। श्रम कानूनों में ये आवश्यक सुधार यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारा 64 करोड़ का विशाल कार्यबल समृद्ध बने एवं भारत की विकास की रफ्तार को और तेज बनाए। परिवारों की आय जैसे-जैसे बढ़ेगी, उनके पास ज्यादा खर्च या बचत करने या फिर दोनों विकल्प होंगे। संगठित क्षेत्र में रोजगार बढ़ने से भविष्य निधि, पेंशन और बीमा कोष में निवेश बढ़ेगा। बीमा क्षेत्र में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देने से भारत का पूंजी बाजार और मजबूत होगा। प्रतिस्पर्धा और सेवाओं की गुणवत्ता भी सुधरेगी। बीमा क्षेत्र में निवेश सीमा बढ़ाना न सिर्फ वित्तीय सुधार है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने वाला बड़ा कदम है।
रोजगार, उत्पादन व एमएसएमई
रोजगार के अवसर और निर्यात की मजबूती बड़े स्तर की कंपनियों से ही आती है। लंबे समय तक हमारी नीतियां ऐसी रहीं, जिनसे कंपनियों को छोटा बने रहने में ही फायदा दिखता था। अब पांच साल में दूसरी बार एमएसएमई की सीमा को बढ़ाया गया है। अगर 2020 से पहले की परिभाषा से तुलना करें, तो यह सीमा अब 10 गुना बढ़ चुकी है। इस बदलाव से कंपनियों को सरकारी मदद का लाभ लेते हुए भी बढ़ने में मदद मिलती है।
देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति
किसी भी मजबूत अर्थव्यवस्था की असली बुनियाद घरेलू मांग होती है। यदि लोगों की आय बढ़ेगी तो उनका जीवन स्तर भी ऊंचा होगा। इससे वे बाजार में निकलेंगे और खरीदारी करेंगे। इससे घरेलू मांग व घरेलू बाजार मजबूत होंगे और देश की अर्थव्यवस्था पर इसका सकारात्मक असर दिखाई देगा।
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