
रूस के विदेश मंत्री ने डिप्लोमैटिक वर्कर्स डे पर अमेरिका पर साधा निशाना, कहा- अमेरिका ने डॉलर को हथियार की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है
Sergey Lavrov, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह भारत जैसे देशों पर दबाव बना रहा है ताकि वे रूस से सस्ता तेल न खरीदें। लावरोव ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि दुनिया की ऊर्जा सप्लाई उसके कंट्रोल में रहे और देश मजबूर होकर महंगी अमेरिकी गैस खरीदें। उन्होंने यह बातें 9 फरवरी को डिप्लोमैटिक वर्कर्स डे के मौके पर कहीं।
लावरोव ने कहा कि अमेरिका ने डॉलर को हथियार की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। रूस की विदेश में रखी संपत्तियों को फ्रीज कर दिया गया है और रूस के खिलाफ लगातार पाबंदियां लगाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ट्रम्प सरकार यूक्रेन युद्ध खत्म करने की बात तो करती है, लेकिन जो प्रतिबंध पहले लगाए गए थे, वे अब भी जारी हैं। रूस के मुताबिक, यूक्रेन पर सहमति बनने के बाद भी अमेरिका नए प्रतिबंध लगाता रहा।
ब्रिक्स देशों पर भी दबाव डाल रहा
रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका भारत और दूसरे ब्रिक्स देशों पर दबाव डाल रहा है कि वे रूस से दूरी बनाएं। रूस की तेल कंपनियों लुकोइल और रोसनेफ्ट पर रोक लगाई गई है और रूस के व्यापार और निवेश को सीमित करने की कोशिश हो रही है। ये सब गलत और अनुचित तरीके हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया अब तेजी से बदल रही है।
पहले अमेरिका पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और पैसों के सिस्टम पर हावी था और डॉलर के जरिए अपनी ताकत दिखाता था, लेकिन अब उसकी पकड़ कमजोर हो रही है। वहीं चीन, भारत और ब्राजील जैसे देश तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। अफ्रीका के देश भी अब सिर्फ कच्चा माल बेचने के बजाय अपने यहां इंडस्ट्री लगाना चाहते हैं।
एआई पर होने वाली बैठक में शामिल होगा रूस
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता पर लावरोव ने कहा कि भारत जिन मुद्दों को आगे बढ़ा रहा है, वे आज की जरूरतों से जुड़े हैं। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, खाने और ऊर्जा की सुरक्षा, तकनीक और एआई जैसे विषय अहम हैं। उन्होंने बताया कि भारत फरवरी में एआई पर एक बड़ी बैठक करने वाला है, जिसमें रूस भी शामिल होगा। रूस का कहना है कि अक को लेकर नियम ऐसे होने चाहिए, जिनमें हर देश की आजादी बनी रहे और कोई एक देश बाकी देशों पर हुक्म न चलाए।
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