कहा- जब तक प्रशासन आकर माफी नहीं मांगता, तब तक आश्रम में प्रवेश नहीं करेंगे, फुटपाथ पर ही रहेंगे
Avimukteshwaranand, (द भारत ख़बर), प्रयागराज: प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का धरना जारी है। पालकी यानी रथ यात्रा रोके जाने के विरोध में शंकराचार्य वहीं धरने पर बैठे हैं, जहां पुलिस उन्हें छोड़ गई थी। वे अपने पंडाल में पूरी रात ठंड में धरने पर बैठे रहे। 26 घंटे से अनाज का एक दाना भी ग्रहण नहीं किया। पानी तक छोड़ दिया। इस बीच शंकराचार्य ने सोमवार दोपहर प्रेस कांफ्रेंस की।
उन्होंने कहा, जब तक प्रशासन आकर माफी नहीं मांगता, तब तक हम अपने आश्रम में प्रवेश नहीं करेंगे। फुटपाथ पर ही रहेंगे। उन्होंने कहा, शंकराचार्य जब भी इतिहास में स्नान करने गए हैं, पालकी में ही गए हैं। हर साल इसी पालकी में जाते रहे हैं। इससे पहले मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज ने बताया, शंकराचार्य ने कल से कुछ भी नहीं खाया है। कोई प्रशासनिक अधिकारी उनसे मिलने भी नहीं आया। सुबह अपनी पूजा और दंड तर्पण उसी स्थान पर किया।
हर मेले के लिए प्रयागराज आऊंगा, लेकिन फुटपाथ पर ही रहूंगा
अविमुक्तेश्वरानंद ने साफ कहा कि जब तक पुलिस प्रशासन सम्मान और प्रोटोकॉल के साथ नहीं ले जाएगा, तब तक गंगा स्नान नहीं करूंगा। मैं प्रण लेता हूं कि हर मेले के लिए प्रयागराज आऊंगा, लेकिन कभी भी शिविर में नहीं रहूंगा। फुटपाथ पर ही अपनी व्यवस्था करूंगा।
अविमुक्तेश्वरानंद साहसी धर्मगुरु
यति नरसिंहानंद ने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद एक साहसी धर्मगुरु हैं। उन्होंने ही अखिलेश यादव की तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाई थी। शंकराचार्य ने ही कहा था कि राहुल गांधी हिंदू नहीं हैं। निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी रमण पुरी ने कहा, हमारे सनातन में शंकराचार्य सर्वोच्च पद होता है।
जिस पीठ के हमारे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हैं, वो तो आदि अनंत काल से है। मेले में सबसे ज्यादा सतुआ बाबा फेमस हैं। बस उन्हीं के लिए सारे प्रोटोकॉल लगे हुए हैं। एडीएम से एसपी तक जितने भी लोग हैं, सब वहीं नत-मस्तक हो रहे। शंकराचार्य का स्तर तो बिल्कुल गिरा दिया गया है।
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