CEC Gyanesh Kumar Row: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार यानी 15 अक्टूबर को सुनवाई होने की संभावना है। यह याचिका चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े अनियमितताओं के आरोपों को लेकर दाखिल की गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेताओं ने अदालत से मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
11 विपक्षी नेताओं ने दाखिल की याचिका
राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के अन्य नेताओं ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसमें चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े कुछ फैसलों की जांच कराने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि चुनाव आयोग में कुछ महत्वपूर्ण फैसले एकतरफा तरीके से लिए गए। उन्होंने अदालत से संबंधित दस्तावेज, बैठक के रिकॉर्ड, फैसलों से जुड़ी टिप्पणियां और विवरण तलब करने का अनुरोध किया है। याचिका में चुनाव आयोग, ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों को पक्षकार बनाया गया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और मतदाता सूची में संशोधन के दौरान पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए।
याचिका में SIR प्रक्रिया पर भी सवाल
INDIA ब्लॉक की याचिका में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। विपक्षी नेताओं ने इस प्रक्रिया में अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने और संबंधित फैसलों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। याचिका में यह भी कहा गया है कि चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान के फैसले सामूहिक प्रक्रिया और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुरूप होने चाहिए। विपक्ष ने संबंधित निर्णयों के रिकॉर्ड अदालत के सामने रखने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने बताई थीं 14 खामियां
इस मामले में सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने याचिका में 14 प्रक्रियागत खामियां बताई थीं। इनमें कुछ दस्तावेजों की अस्पष्ट प्रतियां, नौ याचिकाकर्ताओं के वकालतनामे और कोर्ट फीस से जुड़ी आपत्तियां शामिल थीं। इन खामियों के कारण याचिका पर मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी थी। याचिकाकर्ताओं की कानूनी टीम ने आपत्तियां दूर करने के बाद मामले को जल्द सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया था। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ याचिकाओं की सुनवाई भी 15 अक्टूबर तक टाल दी थी। यह सुनवाई पहले 13 अक्टूबर को होनी थी।

