- ईरान ने बहरीन स्थित यूएस के बेस पर किया बड़े हमले का
US Attacks Iran, (द भारत ख़बर), वॉशिंगटन: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव है। ईरान की ओर से अमेरिका के ठिकानों का निशाना बनाए जाने का सिलसिला लगातार जारी है। वहीं अमेरिका के ईरान पर हमले जारी हैं। यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने आज मंगलवार को कहा कि अमेरिकी सेना ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जुड़ी सुविधाओं सहित ईरान के मुख्य मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाते हुए लगातार आॅपरेशन किए हैं।
लगातार आपरेशन में मदद कर रहे एफ/ए-18 के कई स्क्वाड्रन
सेंटकॉम (CENTCOM) ने आज एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, यूएस आर्मी सेना ने लगातार आपरेशन के दौरान आईआरजीसी कमांड और कंट्रोल सुविधाओं, ईरानी एयर डिफेंस क्षमताओं, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइटों तथा मिलिट्री एयरफील्ड को तबाह कर दिया है। अधिकारियों ने कहा, हम ईरानी शासन द्वारा पैदा होने वाले खतरों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करना जारी रखेंगे। सेंटकॉम ने यह भी कहा कि एफ/ए-18 के कई स्क्वाड्रन ईरान के खिलाफ लगातार आपरेशन में मदद कर रहे हैं।
यूएस एयर बेस पर बड़े मिसाइल और ड्रोन से हमले किए : ईरान
सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी सेनाएं भारी फायरपावर देने के लिए दिन-रात उड़ान भर रही है। यूएस बी-1 बॉम्बर्स (US B-1 bombers) ने ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को कम करने के लिए ईरान के अंदर भी हमला किया है। फायरपावर का यह बढ़ा हुआ इस्तेमाल वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ती दुश्मनी के बीच हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि ईरान ने बहरीन में यूएस एयर बेस पर बड़े मिसाइल और ड्रोन से हमला करने का दावा किया है। ईरान के आईआरजीसी (IRGC) ने कहा कि उसने मंगलवार सुबह ड्रोन और मिसाइल हमले में बहरीन में यूएस एयर बेस की मेन कमांड बिल्डिंग को तबाह कर दिया। उसने कहा कि 20 ड्रोन और 3 मिसाइलों ने शेख ईसा बेस पर हमला किया, जिससे फ्यूल टैंक में भी आग लग गई।
मजबूती से अपनी रक्षा करता रहेगा ईरान : इरावानी
संयुक्त राष्टÑ में ईरान के राजदूत, आमिर सईद इरावानी ने कहा कि जब तक यूएस-इजराइली हमला जारी रहेगा, ईरान अपनी मजबूती से रक्षा करता रहेगा। बता दें कि जगह लेबनान तक भी फैल गई है, जहां इजराइल हिज्बुल्लाह के खिलाफ हमला कर रहा है। इजराइल ने कहा कि हिज्बुल्लाह की इंटेलिजेंस ब्रांच का हेड रात भर चले हमले में मारा गया।
इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने कहा कि मकलेड आईडीएफ सैनिकों और इजराइल देश के बारे में इंटेलिजेंस असेसमेंट देने के लिए अलग-अलग इंटेलिजेंस कलेक्शन टूल्स का इस्तेमाल करके इंटेलिजेंस पिक्चर बनाने के लिए जिÞम्मेदार था। इजराइली एयर फोर्स ने लेबनान से आए दो बिना पायलट वाले एरियल व्हीकल को भी इंटरसेप्ट किया।
सबसे कड़े हमले अभी बाकी : अमेरिका
अमेरिका के सेक्रेटरी आफ स्टेट मार्को रुबियो ने इससे पहले कहा था कि ईरान के खिलाफ यूएस मिलिट्री आपरेशन का मकसद ईरान की शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों और उसकी नेवी की क्षमताओं से पैदा होने वाले खतरे को खत्म करना है, खासकर ग्लोबल शिपिंग के लिए खतरों के मामले में। यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की बात दोहराते हुए उन्होंने कहा कि यूएस मिलिट्री की तरफ से सबसे कड़े हमले अभी बाकी हैं।
अगला फेज ईरान के लिए ज्यादा सजा देने वाला होगा
मार्को रुबियो ने कहा है कि अगला फेज ईरान के लिए अभी से भी ज्यादा सजा देने वाला होगा। जब हम यह आॅपरेशन पूरा कर लेंगे तो दुनिया ज्यादा सुरक्षित जगह होगी। उन्होंने कहा, हमारा मिशन और हमारा फोकस उनकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं और उन्हें बनाने की उनकी क्षमता को खत्म करना है, साथ ही उनकी नेवी से ग्लोबल शिपिंग के लिए पैदा होने वाले खतरे को भी खत्म करना है। अब गल्फ देशों के इसमें शामिल होने से लड़ाई का दायरा बढ़ता जा रहा है।
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