FD interest rate up: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अक्तूबर में हुई मौद्रिक नीति की बैठक में रेपो रेट 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.50% कर दिया है। केंद्रीय बैंक द्वारा रेपो रेट में की गई बढ़ोतरी के बाद अब बैंक जमा दरों में बढ़ोतरी करेंगे। इसी कड़ी में श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड (SFL) ने कुछ खास मैच्योरिटी अवधि वाली अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरें 40 बेसिस पॉइंट्स तक बढ़ा दी हैं। नई दरें 11 अक्टूबर, 2026 से लागू हो गई हैं।
12 माह की अवधि पर 7% ब्याज
- नई दरों के तहत, 12 महीने की अवधि वाली डिपॉजिट पर 7% ब्याज मिलेगा, जो मौजूदा दर से 15 बेसिस पॉइंट्स ज्यादा है।
- 15 महीने की सिर्फ डिजिटल डिपॉजिट और 24 से 35 महीने की अवधि वाली डिपॉजिट पर ब्याज दर 7.1% से बढ़ाकर 7.5% कर दी गई है, यानी इसमें 40 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हुई है।
- 36 से 60 महीने की मैच्योरिटी वाली डिपॉजिट के लिए ब्याज दर 35 बेसिस पॉइंट्स बढ़ाकर 7.85% कर दी गई है।
बदलाव के बाद श्रीराम फाइनेंस FD की ब्याज दरें अलग-अलग समय-सीमा के लिए इस प्रकार हैं:
- 12 महीने: 7% (मौजूदा दर से 15 बेसिस पॉइंट्स ज्यादा)
- 15 महीने (सिर्फ ऑनलाइन): 7.5% (7.1% से ज्यादा)
- 24–35 महीने: 7.5% (7.1% से ज्यादा)
- 36–60 महीने: 7.85% (35 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी)
कंपनी ने कहा कि उसके फिक्स्ड इन्वेस्टमेंट प्लान (FIP) की बाकी शर्तें पहले जैसी ही रहेंगी।
बुजुर्गों और महिलाओं को अतिरिक्त फायदे
- 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को डिपॉजिट करने या उसे रिन्यू करने के समय सालाना 0.50% की अतिरिक्त ब्याज दर मिलती रहेगी।
- महिला जमाकर्ता सालाना 0.05% अतिरिक्त ब्याज पाने की हकदार होंगी। कंपनी के अनुसार, मैच्योर हो चुके डिपॉजिट को रिन्यू कराने वाले ग्राहकों को सालाना 0.15% अतिरिक्त ब्याज मिलेगा।
रेपो रेट में बढ़ोतरी की वजह से दर संशोधन
इंट्रेस्ट रेट में यह संशोधन आरबीआई द्वारा बेंचमार्क रेपो रेट को 25 आधार अंकों से बढ़ाकर 5.50% करने के फैसले के बाद हुआ है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह लगभग चार वर्षों में पहली दर वृद्धि थी। रेट बढ़ाने का यह फैसला बढ़ती मुद्रास्फीति और कमजोर होती मुद्रा को लेकर चिंताओं के बीच आया, जो केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति में बदलाव का संकेत देता है। बेंचमार्क ब्याज दरों में परिवर्तन वित्तीय प्रणाली में उधार लागत और जमा दरों को प्रभावित कर सकते हैं, हालांकि उनके प्रभाव की सीमा और समय उधारदाताओं के बीच भिन्न होते हैं।

