हरियाणा में चिराग योजना सत्र 2025-26 के तहत कक्षा पांचवीं से आठवीं तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अप्रैल 2025 से सितंबर 2025 तक की छह माह की शुल्क प्रतिपूर्ति राशि 72 लाख 7 हजार 464 रुपये जारी कर दी गई है। यह राशि प्रदेश के 213 स्कूलों में अध्ययनरत 1418 विद्यार्थियों के लिए स्वीकृत की गई है।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश
शिक्षा विभाग ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (BEO) को निर्देश दिए हैं कि वे संबंधित स्कूलों और विद्यार्थियों का सत्यापन कर समय पर भुगतान सुनिश्चित करें, ताकि योजना का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक बिना किसी देरी के पहुंच सके।
प्राइवेट स्कूल संघ ने उठाए गंभीर सवाल
इधर, प्राइवेट स्कूल संघ ने चिराग योजना की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू का कहना है कि चिराग योजना के तहत वर्षों से गरीब बच्चों को पढ़ा रहे कई स्कूलों और विद्यार्थियों के नाम सूची से गायब हैं, जबकि इन स्कूलों ने सत्र 2025-26 के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड किए थे।
सूची से बाहर रखना विभाग की बड़ी चूक: संघ
संघ के अनुसार, दस्तावेज पूरे होने के बावजूद स्कूलों और बच्चों को सूची से बाहर रखना शिक्षा विभाग की बड़ी प्रशासनिक चूक है। इससे न केवल स्कूलों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि गरीब बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
वंचित स्कूलों और बच्चों को सूची में जोड़ने की मांग
संघ के प्रांतीय महासचिव पवन राणा व रणधीर पूनिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय धतरवाल, अशोक कुमार और कुलदीप यादव ने मांग की है कि जिन स्कूलों और विद्यार्थियों को वंचित किया गया है, उनके नाम तुरंत सूची में जोड़कर भुगतान जारी किया जाए।
राशि जारी करने पर सरकार का आभार, लेकिन समस्याएं बरकरार
प्राइवेट स्कूल संघ ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और विभागीय अधिकारियों का राशि जारी करने पर आभार भी जताया है। हालांकि संघ का कहना है कि इससे पहले भी विभागीय लापरवाही के कारण कई स्कूलों के MIS पोर्टल बंद कर दिए गए थे, जिससे बच्चों के दाखिले प्रभावित हुए।
MIS पोर्टल खोलने और 134-ए का बकाया देने की मांग
संघ ने मांग की है कि जिन स्कूलों के MIS पोर्टल बंद किए गए हैं, उन्हें तुरंत खोला जाए और साथ ही धारा 134-ए के तहत लंबित भुगतान भी शीघ्र जारी किया जाए, ताकि स्कूलों और विद्यार्थियों को राहत मिल सके।



