अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ को अवैध घोषित करने के तुरंत बाद लिया फैसला
Donald Trump New Tariff (द भारत ख़बर), वॉशिंगटन : अमेरिका के साथ-साथ पूरी दुनिया में नई उठापटक शुरू हो गई है। यह उठापटक एक बार फिर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा लिए गए फैसले के बाद शुरू हुई है। ज्ञात रहे कि जैसे ही अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को अवैध घोषित किया उसके कुछ ही देर बाद ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दुनिया के देशों के खिलाफ 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी।
ट्रंप ने साफ कहा कि वह आज ही एक नया कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे। ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आज मैं धारा 122 के तहत 10% वैश्विक टैरिफ लगाने का आदेश साइन करूंगा। यह पहले से वसूले जा रहे सामान्य शुल्कों के अतिरिक्त होगा।
नए वैश्विक टैरिफ को लेकर यह बोले ट्रंप
राष्ट्रपति ने दोहराया कि उनका लक्ष्य अमेरिका को फिर से महान बनाना है और इसके लिए सख्त व्यापारिक नीति जरूरी है। उन्होंने कहा कि टैरिफ अमेरिकी उद्योगों और श्रमिकों की रक्षा का मजबूत हथियार है। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि एक रास्ता बंद होता है तो उनके पास अन्य विकल्प मौजूद हैं। उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट का फैसला अमेरिका के हित में नहीं है और सरकार आगे की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है।
यह है धारा 122 में प्रावधान
सेक्शन 122 अमेरिका के एक कानून का हिस्सा है, जिसे ट्रेड एक्ट आॅफ 1974 कहा जाता है। यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को अधिकार देता है कि अगर देश को अचानक व्यापार घाटे या आर्थिक संकट का खतरा हो, तो वे तुरंत आयात पर टैरिफ लगा सकते हैं। इसके तहत राष्ट्रपति बिना लंबी जांच प्रक्रिया के अस्थायी तौर पर टैरिफ लगा सकते हैं। आमतौर पर यह टैरिफ 150 दिनों तक लागू रह सकता है। इस दौरान सरकार स्थिति की समीक्षा करती है और आगे का फैसला लेती है।
सुप्रीम कोर्ट ने इसलिए अवैध घोषत किया
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ग्लोबल टैरिफ को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि संविधान के तहत टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार राष्ट्रपति को नहीं, सिर्फ संसद को है। ज्ञात रहे कि पिछले करीब एक साल से ट्रंप ने दुनिया के दर्जनों देशों के खिलाफ टैरिफ को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। जिससे विश्व में आर्थिक मंदी व व्यापार युद्ध तक की स्थिति बन गई थी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से न केवल ट्रंप की छवि को नुकसान हुआ है बल्कि उनकी स्थिति भी कमजोरी होगी।
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