कल से सक्रिय हो रहा नया पश्चिमी विक्षोभ, पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानों में हल्की बारिश की संभावना
Weather Update Today (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : देश के उत्तरी हिस्से में मौसम एक बार फिर से बदलने जा रहा है। मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कल से एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ हिमालीय क्षेत्र में सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से जहां पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है तो वहीं मैदानों में हल्की बारिश होने जा रही है। मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए अनुमान के अनुसार उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में 16 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जबकि 17 फरवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
दक्षिण भारत में गर्मी में आई तेजी
दूसरी ओर दक्षिण और तटीय क्षेत्रों में गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है। कर्नाटक के कारवार में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पश्चिम राजस्थान के सीकर में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार इस समय उत्तर भारत के ऊपर तेज गति वाली उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट धारा सक्रिय है।
इसके प्रभाव से एक नया पश्चिमी विक्षोभ 16 फरवरी से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते 16 से 18 फरवरी के बीच हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है। वहीं हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में आज यानी 15 फरवरी तक सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है।
फसलों के लिए लाभदायक है बारिश
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में यदि हल्की बारिश होती है तो यह गेहंू आदि फसलों के लिए बहुत अच्छी और लाभदायक है। इससे गेहूं का उत्पादन बढ़ने में मदद मिलेगी। वहीं उनका यह भी मानना है कि यदि हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलती हैं तो यह किसानों और फसलों के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं। हवा चलने से फसल के गिरने की संभावना ज्यादा रहती है जिससे उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है।
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