अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सरकार ने बनाया नया प्लान
India Industrial Development Scheme (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : आने वाले कुछ समय में देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। यह फैसले गत बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए। इस बैठक में देश के उद्योगों को और भी ज्यादा प्रफुलित करने के लिए जो बड़ा फैसला लिया गया वह था प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क विकसित करना। इस बैठक में सरकार ने उद्योग, कृषि, सड़क निर्माण और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों को लक्षित करते हुए कुल 54,926 करोड़ रुपये के भारी-भरकम वित्तीय परिव्यय वाली चार प्रमुख योजनाओं पर मुहर लगाई है। यह कदम भारत के समग्र आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
भारत औद्योगिक विकास योजना लागू करना
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना को मंजूरी दे दी है। ‘भारत औद्योगिक विकास योजना नामक इस केंद्रीय क्षेत्र की योजना के लिए 33,660 करोड़ रुपये का परिव्यय निर्धारित किया गया है। इस योजना के तहत देशभर में 100 निवेश-तैयार प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य उद्योगों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करना है। केंद्र सरकार प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये तक का वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी। यह योजना छह साल की अवधि के लिए है, जो वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2031-32 तक चलेगी। औद्योगिक पार्क के लिए न्यूनतम 100 एकड़ क्षेत्र की आवश्यकता होगी। हालांकि, पूर्वोत्तर और पहाड़ी क्षेत्रों में यह सीमा 25 एकड़ रखी गई है। यह पहल देश में विनिर्माण और रोजगार सृजन को गति देगी।
लघु पनबिजली विकास योजना
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2,585 करोड़ रुपए के परिव्यय वाली एक लघु जलविद्युत विकास योजना को मंजूरी दी, इसका उद्देश्य 1,500 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के विकास को बढ़ावा देना है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पत्रकारों को बताया कि 2,585 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ लघु जलविद्युत विकास योजना को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। मंत्री ने कहा कि पर्यावरण की दृष्टि से यह देश के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय है। इन परियोजनाओं को बिना बांध बनाए और लोगों को विस्थापित किए बिना, नदी के प्रवाह पर आधारित परियोजनाओं के रूप में विकसित किया जाएगा।
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