राजस्थान पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने हरियाणा पुलिस के एक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) को तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी शनिवार देर रात राजस्थान के जोधपुर जिले के कापरड़ा थाना क्षेत्र में जयपुर हाईवे पर की गई।
गिरफ्तार अधिकारी की पहचान गुरुग्राम (पालम विहार) की क्राइम ब्रांच में तैनात एएसआई प्रवीण के रूप में की गई है। एसीबी के अनुसार, यह मामला गुरुग्राम सदर थाने में दर्ज एक वाहन चोरी के मामले से जुड़ा है, जिसमें एक आरोपी गिरफ्तार किया गया था और वह पुलिस रिमांड पर था।
रिश्वत की शर्त और जाल
एसीबी के उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव और एएसपी (ग्रामीण) पारस सोनी ने बताया कि तस्दीक और जांच के सिलसिले में एएसआई प्रवीण आरोपी को लेकर शुक्रवार को जोधपुर आया था। इस दौरान आरोपी के परिजनों ने एएसआई से संपर्क किया और रिमांड के दौरान आरोपी को मारपीट व परेशान न करने की गुहार लगाई।
एसीबी के मुताबिक, एएसआई प्रवीण ने इस ‘सहयोग’ के बदले तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी। आरोपी पक्ष ने इसकी शिकायत एसीबी जोधपुर ग्रामीण से की। सत्यापन के बाद, एसीबी ने जाल बिछाया। शनिवार रात, तय योजना के अनुसार, आरोपी पक्ष ने एएसआई को डमी और असली नोटों से भरा एक बैग दिया, जिसमें 1.50 लाख रुपये असली और 1.50 लाख रुपये डमी नोट शामिल थे। जैसे ही एएसआई प्रवीण ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
चल रही जांच
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी के समय एएसआई प्रवीण के साथ हरियाणा पुलिस के अन्य कर्मी भी मौजूद थे। फिलहाल उनकी भूमिका स्पष्ट नहीं है और इसकी जांच की जा रही है। एसीबी गिरफ्तार अधिकारी से पूछताछ कर रही है और मामले की गहन जांच जारी है। इस कार्रवाई ने राजस्थान और हरियाणा पुलिस की अंतर-राज्यीय जांच प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों पर प्रकाश डाला है।



