कहा, खुद की प्रेरणा ऐसे समय में सबसे ज्यादा आपका मनोबल बढ़ाती है।
Rohit Sharma (द भारत ख़बर), खेल डेस्क : टेस्ट और टी20 क्रिकेट से सन्यास ले चुके भारत के सलामी बल्लेबाज और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का ध्यान अब 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप पर है। रोहित शर्मा इस टूर्नामेंट के लिए न केवल लगातार खेल का अभ्यास कर रहे हैं बल्कि व शारीरिक और मानसिक रूस से भी खुद को लगातार मजबूत बना रहे हैं। हालांकि इसी बीच रोहित शर्मा ने अपने क्रिकेट करियर को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है।
रोहित शर्मा ने कहा कि 2023 में घरेलू दर्शकों के सामने वर्ल्ड कप फाइनल में मिली हार ने उन्हें बुरी तरह से तोड़ दिया था। उन्होंने कहा कि कई दिन तक मेरा मन क्रिकेट से पूरी तरह से सन्यास लेने का बना रहा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने बुरे समय में खुद को संभाला और क्रिकेट खेलते रहने का फैसला लिया।
अच्छा-बुरा दौर खेल का हिस्सा
रोहित शर्मा ने कहा कि उन्होंने खुद को समझाया कि अच्छा और बुरा समय खेल का हिस्सा होता है। हार और जीत बनी हुई है। जो टीम उस दिन बेहतर खेल जाती है वह जीत जाती है। रोहित ने कहा, सभी बेहद निराश थे और हमें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि क्या हुआ है। मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से यह बहुत कठिन समय था क्योंकि मैंने उस विश्व कप के लिए अपना सब कुछ झोंक दिया था, न केवल उससे दो-तीन महीने पहले, बल्कि 2022 में कप्तानी संभालने के बाद से ही मैं विश्व कप की तैयारियों में जुट गया था।
मेरा एकमात्र लक्ष्य विश्व कप जीतना था, चाहे वह टी20 विश्व कप हो या 2023 विश्व कप। इसलिए जब ऐसा नहीं हो पाया, तो मैं पूरी तरह से निराश हो गया। मेरे शरीर में बिल्कुल भी ऊर्जा नहीं बची थी। मुझे इस हार से उबरने और खुद को वापस पटरी पर लाने में कुछ महीने लग गए।
पूरे टूर्नामेंट में रोहित ने किया शानदार प्रदर्शन
रोहित 2023 वनडे विश्व कप में अच्छी फॉर्म में थे और उन्होंने 11 मैचों में 54.27 के औसत और 125.94 के स्ट्राइक रेट से 597 रन बनाए थे। भारतीय टीम फाइनल में 240 रन ही बना सकी थी। आॅस्ट्रेलिया के लिए ट्रेविस हेड ने 120 गेंदों पर 137 रन बनाए थे जिससे कंगारू टीम ने छह विकेट से जीत हासिल की थी। एक कार्यक्रम के दौरान रोहित से हार के बाद उनकी भावनाओं और उन्होंने खुद को इससे कैसे संभाला, इस बारे में पूछा गया। भारत के पूर्व वनडे कप्तान ने कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत रूप से एक कठिन क्षण था क्योंकि 2022 में टीम का कप्तान बनने के बाद विश्व कप जीतना उनका लक्ष्य था।

