Haryana Metro: हरियाणा वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में परिवहन व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रही है। मेट्रो और रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) यानी नमो भारत परियोजनाओं को युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के विजन को धरातल पर उतारते हुए मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने हरियाणा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (HMRC) की बोर्ड बैठक में राज्य की आगामी परिवहन योजनाओं का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया।
रैपिड मेट्रो गुरुग्राम ने बनाए नए रिकॉर्ड
रैपिड मेट्रो गुरुग्राम ने वर्ष 2025 में यात्रियों के आंकड़ों में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच 1.27 करोड़ यात्रियों ने रैपिड मेट्रो से सफर किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि (1.10 करोड़) से कहीं अधिक है।
जुलाई 2025 में 22.93% की सबसे अधिक मासिक वृद्धि दर्ज
किराया राजस्व 14.06% बढ़कर ₹23.37 करोड़ पहुंचा
यह वृद्धि परिचालन कुशलता और बढ़ते भरोसे को दर्शाती है
गुरुग्राम को जोड़ेंगे नए मेट्रो कॉरिडोर
सरकार ने कई अहम मेट्रो कॉरिडोर को मंजूरी दी है, जो नए गुरुग्राम और पुराने शहर को आपस में जोड़ेंगे।
सेक्टर-56 से पंचगांव कॉरिडोर
लंबाई: 35.25 किमी
28 एलिवेटेड स्टेशन
डीपीआर तैयार
पंचगांव में RRTS कॉरिडोर से कनेक्टिविटी
बल्लबगढ़–पलवल मेट्रो विस्तार
लंबाई: 30 किमी
18 स्टेशन प्रस्तावित
नमो भारत कॉरिडोर से होगा एकीकरण
दक्षिण हरियाणा को बड़ी राहत
इसके अलावा सुभाष चौक से रेलवे स्टेशन और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड से सेक्टर-5 तक मेट्रो विस्तार के लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति हो चुकी है।
नमो भारत (RRTS) प्रोजेक्ट को भी रफ्तार
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) द्वारा संचालित नमो भारत प्रोजेक्ट भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
दिल्ली–बावल कॉरिडोर
लंबाई: 93.12 किमी
13 स्टेशन
कुल लागत: ₹32,327 करोड़
हरियाणा की हिस्सेदारी: ₹6,956 करोड़
दिल्ली–पानीपत–करनाल कॉरिडोर
सार्वजनिक निवेश बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है
कुंडली–नरेला मेट्रो विस्तार
दिल्ली मेट्रो को सैद्धांतिक स्वीकृति
उत्तरी हरियाणा के शहरी क्षेत्रों को सीधा लाभ
ट्रैफिक और प्रदूषण में आएगी कमी
सरकार अब गुरुग्राम–फरीदाबाद–नोएडा और दिल्ली–रोहतक नमो भारत कॉरिडोर की डीपीआर का परीक्षण कर रही है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से
ट्रैफिक दबाव कम होगा
प्रदूषण में कमी आएगी
औद्योगिक और रियल एस्टेट विकास को गति मिलेगी



