हरियाणा के पानीपत जिले से भारतीय जनता पार्टी के लिए असहज करने वाली खबर सामने आई है। जिले के भाजपा जिला सचिव रविंद्र रावल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह कथित रूप से 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि यह रकम ड्रेन में अवैध रूप से केमिकल युक्त पानी डालने की अनुमति देने या इस अवैध गतिविधि को नजरअंदाज करने के बदले ली गई।
वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। मामला बढ़ता देख शिकायत और वायरल वीडियो पुलिस तक भी पहुंच गई। बताया जा रहा है कि विवाद गहराने पर भाजपा नेता रविंद्र रावल ने कथित रूप से लिए गए पैसे वापस कर दिए। हालांकि, उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे उनके खिलाफ साजिश बताया है।
दैनिक भास्कर से बातचीत में रविंद्र रावल ने कहा कि राजनीति में उनकी छवि खराब करने के लिए वीडियो को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। उनका दावा है कि ट्रैक्टर चालकों से उनका पुराना लेन-देन है और उसी के तहत उन्हें पैसे देने के लिए बुलाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने संबंधित लोगों को ड्रेन में केमिकल युक्त पानी डालते हुए रंगे हाथ पकड़ा था और उसी के बाद उनके खिलाफ यह कहानी गढ़ी गई।
यह पूरा मामला बापौली और सनौली खुर्द क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां की फैक्ट्रियों से निकलने वाला जहरीला पानी अवैध रूप से टैंकरों के जरिए ड्रेन नंबर-2 में छोड़े जाने के आरोप पहले से लगते रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमों के विपरीत इस खतरनाक पानी को ड्रेन में डालने के बदले ‘सुविधा शुल्क’ की वसूली की जाती है। वायरल वीडियो में 5 हजार रुपये के लेनदेन को इसी अवैध काम से जोड़कर देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि रिश्वत लेने की शिकायत बापौली थाना पुलिस तक भी पहुंची। दोनों पक्ष थाने पहुंचे, जहां ट्रैक्टर चालकों ने गाड़ी में बैठे-बैठे रविंद्र रावल से सवाल किया कि उन्होंने 5 हजार रुपये क्यों लिए। वीडियो में रविंद्र द्वारा यह कहते सुने जाने का दावा किया जा रहा है कि उन्हें दो दिनों से पैसे लेने के लिए फोन आ रहे थे और बाद में उन्होंने रकम वापस कर दी।
बापौली थाना प्रभारी वीरेंद्र ने बताया कि दोनों पक्ष थाने तक जरूर पहुंचे थे, लेकिन फिलहाल किसी की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर शिकायत मिलती है तो पुलिस जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ड्रेन में केमिकल युक्त पानी छोड़े जाने से इलाके में भूजल प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच चुका है। आसपास के गांवों में हैंडपंपों से बदबूदार और रंगीन पानी निकल रहा है, जिससे कैंसर, किडनी फेलियर, लीवर और त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। यही नहीं, इसी पानी से सिंचाई होने के कारण खेती और पशुधन पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

