हरियाणा में मौसम ने अचानक करवट लेना शुरू कर दिया है। फरवरी के शुरुआती दिनों में ही दिन के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ खेती पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। ताजा मौसम आंकड़ों के अनुसार राज्य का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है। 6 फरवरी को फरीदाबाद में सबसे अधिक 24.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो इस बात का संकेत है कि इस बार गर्मी सामान्य से पहले दस्तक दे रही है।
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक हरियाणा में औसत अधिकतम तापमान में 0.9 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, हालांकि यह अभी सामान्य के आसपास बना हुआ है। खास बात यह है कि इस बार तापमान में बढ़ोतरी लगभग 15 दिन पहले ही शुरू हो गई है। आमतौर पर फरवरी के तीसरे सप्ताह यानी 20 फरवरी के बाद तापमान में इजाफा देखने को मिलता है, लेकिन इस बार महीने की शुरुआत में ही दिन गर्म होने लगे हैं। मौसम में आए इस बदलाव और शुष्क परिस्थितियों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा मौसम रबी फसलों के लिए संवेदनशील साबित हो सकता है। गेहूं, सरसों और चने जैसी फसलें इस समय विकास की अहम अवस्था में हैं, ऐसे में बढ़ती गर्मी और नमी की कमी से उत्पादन पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि फसलों को शुष्क मौसम के प्रभाव से बचाने के लिए आवश्यकता अनुसार हल्की सिंचाई करें। विशेष रूप से सरसों की फसल में बढ़ती गर्मी के साथ चेपा और सफेद रस्ट जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए खेतों की नियमित निगरानी जरूरी है। मौसम साफ रहने की स्थिति में अनुशंसित दवाओं के छिड़काव की सलाह भी दी गई है।
सब्जी उत्पादकों और पशुपालकों के लिए भी मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों ने सतर्कता बरतने की अपील की है। सब्जियों और बरसीम जैसी चारा फसलों की कटाई ओस सूखने के बाद, यानी सूर्योदय के बाद करने की सलाह दी गई है, ताकि सड़न और नुकसान की समस्या से बचा जा सके।
रात के तापमान की बात करें तो फिलहाल न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है। 6 फरवरी को राज्य का औसत न्यूनतम तापमान 0.3 डिग्री सेल्सियस की मामूली बढ़ोतरी के साथ दर्ज किया गया। महेंद्रगढ़ का एडब्ल्यूएस क्षेत्र सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों तक न्यूनतम तापमान लगभग स्थिर रहेगा, लेकिन इसके बाद इसमें 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। रात के समय हल्की ठंड और कुछ इलाकों में उथले कोहरे की संभावना अभी बनी हुई है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान का यह रुख अगर बना रहा, तो इसका सीधा असर फसलों की गुणवत्ता और पैदावार पर पड़ सकता है। ऐसे में किसानों को मौसम अपडेट पर नजर रखने और कृषि सलाह का पालन करने की जरूरत है।

