
बोले- शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट डेमोक्रेसी की आत्मा
Rahul Gandhi Vs PM Modi, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला। राहुल ने यूथ कांग्रेस मेंबर्स के खिलाफ एक्शन पर पीएम मोदी की आलोचना करते हुए कहा, मोदी की सरकार और नॉर्थ कोरिया के तानाशाही शासन एक जैसा है। ये इंडिया है, नॉर्थ कोरिया नहीं। राहुल ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट डेमोक्रेसी की आत्मा है।
यह कोई अपराध नहीं है। उन्होंने पूछा, जब आदिवासी अपने जल, जंगल, जमीन के हक के लिए खड़े हुए, तो उन पर भी शक की नजर डाली गई। यह कैसा लोकतंत्र है, जहां ढट सवालों से डरते है? जहां असहमति को कुचलना शासन का स्वभाव बनता जा रहा है?
यूथ कांग्रेस के 3 सदस्यों को गिरफ्तार करने शिमला पहुंची थी दिल्ली पुलिस
दरअसल, दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस मेंबर्स ने शर्ट उतार कर प्रोटेस्ट किया था। इस संबंध में दिल्ली पुलिस 3 सदस्यों को गिरफ्तार करने शिमला पहुंची थी। इसके बाद हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस को उन्हें ले जाने से रोक लिया था। राहुल ने ये बातें गिरफ्तार तीन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली वापस लाने की इजाजत मिलने के बाद कही।
सत्ता के खिलाफ संवैधानिक तरीके से आवाज उठाने पर लाठी, मुकदमा और जेल लगभग तय
राहुल ने कहा, सोचिए मुद्दा कोई भी हो, अगर आप सत्ता के खिलाफ संवैधानिक तरीके से आवाज उठाते हैं, तो लाठी, मुकदमा और जेल, यह लगभग तय है। पेपर लीक से त्रस्त युवाओं ने अपने भविष्य के लिए आवाज उठाई, जवाब मिला लाठियों से। देश की गौरवशाली महिला पहलवानों ने भाजपा के प्रभावशाली नेता पर लगे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनकी पुकार को बदनाम किया गया, आंदोलन को कुचला गया, और उन्हें सड़कों से जबरन हटाया गया।
शांतिपूर्ण विरोध करने पर देशविरोधी बताकर किया गया गिरफ्तार
एक बलात्कार पीड़ित के समर्थन में इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुआ। न्याय की मांग को व्यवस्था के लिए असुविधा मानकर हटा दिया गया। युवा कांग्रेस ने देश का अहित करने वाले यूएस ट्रेड डील का शांतिपूर्ण विरोध किया तो उन्हें देशविरोधी बताकर गिरफ्तार कर लिया।
जब आम लोग जहरीली हवा के खिलाफ खड़े हुए, तो पर्यावरण की चिंता को भी राजनीति कहकर दबा दिया गया। जब किसानों ने अपने अधिकारों के लिए आंदोलन किया, तो उन्हें देशविरोधी करार दिया गया। आंसू गैस, रबर की गोलियां, पानी की बौछारें और लाठियां, यही संवाद का माध्यम बना।
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