
Lok Sabha Suspends Kalyan Banerjee: संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी को एक महिला सांसद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में लोकसभा से शेष मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। आरोप है कि बहस के दौरान कल्याण बनर्जी ने टीएमसी की बागी महिला सांसदों के लिए अभद्र टिप्पणी की। लोकसभा से सस्पेंड कल्याण बनर्जी अब बाकी मानसून सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही में भाग नहीं ले सकेंगे। सदन में इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली और पीठासीन अधिकारी ने इसे सदन की गरिमा और महिला सांसदों के सम्मान के खिलाफ बताते हुए कार्रवाई का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने मंजूरी दे दी।
आखिर सदन में क्या हुआ था?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी TMC हार गई थी और बीजेपी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आ गई। चुनाव रिजल्ट के बाद टीएमसी के कई सांसद और विधायकों ने ममता का साथ छोड़ दिया था। ये सांसद नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए। बुधवार को विपक्ष के हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित हो गई। इस दौरान TMC नेता कल्याण बनर्जी की अपनी पार्टी के कुछ पूर्व सहयोगियों और NCPI सांसदों के साथ तीखी बहस हुई। इस बहस में शामिल NCPI के सदस्यों में मिताली बाग, शताब्दी रॉय और काकोली घोष दस्तीदार शामिल थीं। यह साफ नहीं हो पाया कि बहस किस वजह से हुई। विपक्षी दलों के कुछ सदस्यों ने बीच-बचाव किया और दोनों पक्षों को शांत करने की कोशिश की।
जब कुछ विपक्षी सांसदों ने पूछा कि क्या हुआ है, तो कल्याण बनर्जी सदन से चले गए। इसके बाद मिताली, दस्तीदार और NCPI के कुछ अन्य सदस्य लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके कक्ष में मिलने गए और फिर लिखित में शिकायत दी गई। लोकसभा की कार्यवाही के दौरान कल्याण बनर्जी द्वारा एक महिला सांसद के लिए असंसदीय और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। सदन में शोर-शराबे के बीच पीठासीन अधिकारी ने कहा कि किसी भी महिला सांसद के प्रति इस तरह की टिप्पणी संसद की गरिमा के अनुरूप नहीं है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसके बाद कल्याण बनर्जी को निलंबित करने का प्रस्ताव लाया गया। इसी आधार पर उन्हें मौजूदा मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।
पहले भी लगे थे दुर्व्यवहार के आरोप
यह पहला मौका नहीं है जब कल्याण बनर्जी का नाम इस तरह के विवाद में आया हो। इससे पहले टीएमसी की सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि कल्याण बनर्जी ने कई बार उनके और अन्य महिला सांसदों के खिलाफ अपमानजनक और महिलाओं का अपमान करने वाली भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई की मांग भी की थी। हालांकि कल्याण बनर्जी ने इन आरोपों को पहले राजनीतिक रूप से प्रेरित और निराधार बताया था। इस घटना के बाद संसद में महिला सांसदों की गरिमा और सम्मान का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
