अमेरिकी राष्ट्रपति ने युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों को दी श्रद्धांजलि
Donald Trump on Iran War (द भारत ख़बर), वॉशिंगटन : अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ बमबारी जारी है। दोनों देश हर रोज सैकड़ों हवाई हमले कर रहे हैं। हालांकि ईरान भी झुकने के लिए तैयार नहीं है और जवाबी हमले कर रहा है। इस युद्ध में अभी तक अमेरिका को भी काफी नुकसान हुआ है। उसके कई सैनिक इस युद्ध में मारे जा चुके हैं। हालांकि अमेरिका की तरफ से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि युद्ध में उसके कितने सैनिक मारे जा चुके हैं और कितना नुकसान हुआ है लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ने युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि आॅपरेशन कितने समय तक चलेगा, इससे फर्क नहीं पड़ता। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना तय समय से आगे बढ़ चुकी है, लेकिन जरूरत पड़ने पर अभियान चार से पांच सप्ताह से भी ज्यादा समय तक जारी रह सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास लंबे समय तक कार्रवाई जारी रखने की पूरी क्षमता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि इस आॅपरेशन में उन्हें कोई थकान या ऊब महसूस नहीं होती।
ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान पर लगाए आरोप
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर समझौतों से पीछे हटने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से सैन्य कार्रवाई जरूरी हुई। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुआ परमाणु समझौता ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में ले जा रहा था। ट्रंप के अनुसार अमेरिका को लगा था कि ईरान के साथ समझौता हो गया है, लेकिन तेहरान ने दो बार अपने वादों से पीछे हटकर भरोसा तोड़ा। उन्होंने कहा कि ईरानी शासन बाहरी क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियों को समर्थन देता रहा है, जिसे रोकना जरूरी था। ट्रंप ने कहा कि अब अमेरिका यह सुनिश्चित कर रहा है कि ईरान की क्षमताएं सीमित रहें और क्षेत्रीय सुरक्षा मजबूत हो।
हम तय समय से आगे बढ़ रहे
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान की अवधि को लेकर बड़ा बयान दिया है। व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि आॅपरेशन कितने समय तक चलेगा, इससे फर्क नहीं पड़ता। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना तय समय से आगे बढ़ चुकी है, लेकिन जरूरत पड़ने पर अभियान चार से पांच सप्ताह से भी ज्यादा समय तक जारी रह सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास लंबे समय तक कार्रवाई जारी रखने की पूरी क्षमता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि इस आॅपरेशन में उन्हें कोई थकान या ऊब महसूस नहीं होती।
ईरान युद्ध में शामिल नहीं होगा नाटो
नाटो महासचिव मार्क रुटे ने स्पष्ट किया है कि ईरान को लेकर जारी क्षेत्रीय संघर्ष में नाटो गठबंधन सीधे तौर पर शामिल नहीं होगा। ब्रसेल्स में जर्मनी के एआरडी टीवी से बातचीत में रुटे ने अमेरिका और इस्राइल की सैन्य कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि ईरान की परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करना महत्वपूर्ण है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि नाटो के तौर पर युद्ध में शामिल होने की कोई योजना नहीं है, भले ही कुछ सदस्य देश अलग से समर्थन दें।

