ईरान के आर्थिक संसाधनों को कमजोर करने की कोशिश में दोनों देश
West Asia Crisis (द भारत ख़बर), तेहरान : अमेरिका और इजरायल के द्वारा बीती 28 फरवरी से ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू कर दिया गया था। बीते 19 दिन में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हजारों बम गिराए हैं। इन हमलों में जहां ईरान के दर्जनों बड़े नेता मारे गए वहीं हजारों नागरिक भी हताहत हुए हैं। इन हमलों में ईरान के कई शहर खंडहर में बदल चुके हैं। वहीं अब अमेरिका और इजरायल ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। अब ये ईरान की ऊर्जा संरचनाओं को निशाना बना रहे हैं।
इजरायल ने ईरान के खुफिया मंत्री को एक हमले में मार गिराया, जबकि ईरान के एक बड़े गैस क्षेत्र पर भी हमला हुआ। यह संकेत है कि संघर्ष अब आर्थिक संसाधनों को कमजोर करने की दिशा में बढ़ रहा है। लगातार हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 5 प्रतिशत बढ़कर 108 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत युद्ध शुरू होने के बाद करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है, जिससे दुनियाभर में पेट्रोल और जरूरी सामान महंगे होने की आशंका बढ़ गई है।
तेहरान के ऊपर दो हर्मीस ड्रोन मार गिराए
ईरान ने एक बार फिर अपनी मजबूत वायु रक्षा क्षमता का प्रदर्शन करते हुए राजधानी तेहरान के ऊपर उड़ रहे दो हर्मीस ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। ईरानी सेना के अनुसार, ये कार्रवाई स्थानीय समयानुसार रात 9 बजे से 9:30 बजे के बीच की गई। इस दौरान एयर डिफेंस सिस्टम ने दोनों ड्रोन को सफलतापूर्वक निशाना बनाकर नष्ट कर दिया। सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इस्राइल हमले के बाद से अब तक कुल 123 ड्रोन गिराए जा चुके हैं। ईरान का कहना है कि उसकी वायु सुरक्षा प्रणाली लगातार सतर्क है और देश के हवाई क्षेत्र में किसी भी तरह की घुसपैठ को तुरंत नाकाम किया जा रहा है।
ट्रंप ने छह अमेरिकी सैनिकों को दी श्रद्धांजलि
डेलावेयर स्थित डोवर एयर फोर्स बेस में बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने छह अमेरिकी सैनिकों को अंतिम श्रद्धांजलि दी। ये सैनिक पिछले सप्ताह पश्चिमी इराक में एक रिफ्यूलिंग विमान के हादसे में शहीद हुए थे। उनके अवशेष अब परिवारों को सौंपे जा रहे हैं। सभी छह क्रू सदस्य अमेरिकी राज्यों अलाबामा, इंडियाना, केंटकी, ओहायो और वॉशिंगटन के निवासी थे।
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