Close Menu
    What's Hot

    स्मार्टवॉच और मोबाइल बैन, पगड़ी-हिजाब पर नहीं रोक

    June 20, 2026

    प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए 31 जुलाई तक करें आवेदन

    June 20, 2026

    FIFA World Cup की सबसे ग्लैमरस फैन ने बढ़ाया पारा, स्टेडियम से वायरल हुईं तस्वीरें

    June 20, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Contact Us
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Latest Hindi News, Delhi News (दिल्ली न्यूज),  aaj ki taaja khabar, Today Breaking News, Trending
    • होम
    • बड़ी ख़बर

      स्मार्टवॉच और मोबाइल बैन, पगड़ी-हिजाब पर नहीं रोक

      June 20, 2026

      एयरपोर्ट पर खराब मौसम के बीच इंडिगो के विमान पर गिरी बिजली, बाल-बाल बचे 141 यात्री

      June 20, 2026

      अमेरिका-ईरान के बीच फिर जगी शांति समझौते पर वार्ता की उम्मीद, ट्रंप के दूत स्विट्जरलैंड रवाना

      June 20, 2026

      सीजेपी फाउंडर ने पीएम को लिखा लेटर, सुसाइड करने वाले नीट स्टूडेंट्स के परिवारों को एक-एक करोड़ मुआवजा देने की मांग

      June 20, 2026

      इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम पर बनी सहमति

      June 19, 2026
    • दुनिया
    • भारत
    • राजनीति
    • राज्य
    • खेल
    • टेक
    • मनोरंजन
    Saturday, June 20
    SUBSCRIBE
    Latest Hindi News, Delhi News (दिल्ली न्यूज),  aaj ki taaja khabar, Today Breaking News, Trending
    Home»पंजाब»4 सालों में भाखड़ा नहर के बराबर पानी
    पंजाब

    4 सालों में भाखड़ा नहर के बराबर पानी

    श्वेता चौहानBy श्वेता चौहानMarch 19, 2026No Comments7 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp LinkedIn Pinterest Email Copy Link


    चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की सिंचाई व्यवस्था में किए गए ऐतिहासिक बदलाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने मात्र चार सालों में मौसमी नदियों से 10,000 क्यूसेक पानी सुनिश्चित करके और बंद हो रही नहरी नेटवर्क को पुनर्जीवित करके राज्य के खेतों को भाखड़ा नहर के बराबर पानी की आपूर्ति प्रदान की है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में नहरी सिंचाई से केवल 26.50 प्रतिशत सिंचाई हो रही थी, जो बढ़कर आज 78 प्रतिशत हो गई है। इसी के तहत 22 किलोमीटर लंबी सरहाली नहर के लंबे समय से बंद पड़े सिस्टम को पुनर्जीवित किया गया है, फिरोजपुर-सरहिंद फीडर के माध्यम से पानी की 24 घंटे आपूर्ति सुनिश्चित की गई है और आजादी के बाद पहली बार 1,446 गांवों तक नहरी पानी पहुंचाया गया है।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पिछले चार सालों में सिंचाई क्षेत्र में पंजाब सरकार द्वारा किए गए कार्यों का विस्तृत लेखा-जोखा पेश किया। मुख्यमंत्री ने कहा, “अप्रैल 2022 से अब तक नहरों की लाइनिंग, मरम्मत, आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे की मजबूती पर 6,700 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, जो पंजाब के इतिहास में अब तक किया गया सबसे अधिक खर्च है।” उन्होंने कहा कि पंजाब में नहरी पानी से लगभग 75.90 लाख एकड़ में सिंचाई की जा सकती है, जबकि मार्च 2022 तक केवल 20.89 लाख एकड़ को ही नहरी पानी मिल रहा था, जो महज 26.5 प्रतिशत ही बनता है।

    मान ने कहा, “आज हमने नहरी पानी से सिंचाई के अंतर्गत रकबा लगभग 58 लाख एकड़ तक बढ़ा दिया है, जिससे नहरी पानी का उपयोग लगभग 78 प्रतिशत हो गया है। यह पहले के आंकड़ों से लगभग तीन गुना है।” उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य में उपलब्ध नहरी पानी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया है।

    जमीनी स्तर पर किए गए व्यापक कार्यों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, “हमने लगभग 13,000 किलोमीटर नहरों के निर्माण और मरम्मत के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपए खर्च किए हैं, जिसके कारण नहरी पानी अब 58 लाख एकड़ रकबे तक पहुंच रहा है। इसके साथ लगभग 7,000 खालों को बहाल किया गया है।” उन्होंने आगे कहा, “कुल 15,539 नहरों की सफाई की गई है और 18,349 जल मार्गों को पुनर्जीवित किया गया है, जिससे अब राज्य के दूर-दराज वाले खेतों तक भी नहरी पानी पहुंचाया गया है।”

    ढांचागत पहलकदमियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार 545 किलोमीटर तक फैलीं 101 बंद पड़ी नहरों को पुनर्जीवित किया गया है। इनमें से बहुत सी नहरें 30 से 40 सालों से बंद थी और मिट्टी से भी भरी हुई थीं। हमने एक इंच जमीन पर कब्जा लिए बिना इन नहरों को बहाल किया है।”

    उन्होंने आगे कहा कि केवल बरसाती नालों को पुनर्जीवित करने से 2.75 लाख एकड़ को नहरी सिंचाई के अंतर्गत लाने में मदद मिली है। उन्होंने कहा, “पुरानी नहरी प्रणालियों को बहाल करके हमने यह सुनिश्चित किया है कि अब खेतों तक 10,000 क्यूसेक अतिरिक्त पानी पहुंच रहा है। वास्तव में हमने बिना कोई जमीन प्राप्त किए नई ‘भाखड़ा नहर’ बना दी है।”

    तरनतारन जिले की शानदार उदाहरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछली सरकारों की लापरवाही के कारण 22 किलोमीटर लंबी सरहाली माइनर नहर पूरी तरह से लुप्त हो गई थी। जब हमारे इंजीनियरों ने काम शुरू किया तो उन्होंने नहर को जमीनदोज पाया। स्थानीय लोग भी इसकी अस्तित्व को भूल गए थे। आज हमने इसे पुनर्जीवित किया और पूरी तरह कार्यशील कर दिया है।”

    मुख्य नहरी प्रणालियों को मजबूत करने के बारे में उन्होंने कहा, “फिरोजपुर फीडर नहर, जो वास्तव में 1952 में बनाई गई थी, को रिकॉर्ड 35 दिनों में अपग्रेड किया गया था, जिससे इसकी क्षमता में 2,682 क्यूसेक की वृद्धि हुई है। इसी तरह मालवा की जीवन रेखा मानी जाने वाली सरहिंद नहर, जिसे 1950 के आसपास बनाया गया था, को 75 साल बाद अपग्रेड किया गया है, जिससे इसकी क्षमता में 2,844 क्यूसेक की वृद्धि हुई है।”

    उन्होंने आगे कहा, “सरहिंद और पटियाला जैसी बड़ी नहरों की लाइनिंग करके, हमने पानी की उपलब्धता में लगभग 1.5 एमएएफ की वृद्धि की है और यह सुनिश्चित किया है कि राज्य के दूर-दराज के खेतों को भी अब पानी की कमी का सामना न करना पड़े।”

    कंडी क्षेत्र के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “होशियारपुर में कंडी नहर, जो लगभग 40 सालों से बंद पड़ी थी, को अब पुनः बहाल किया गया है। इलाके के लोग पानी की असली कीमत समझते हैं और इस नहर की पुनर्बहाली से उन्हें बहुत राहत मिली है।” उन्होंने आगे कहा कि नहरी ढांचे के विस्तार के कारण आजादी के बाद अब पहली बार लगभग 1400 गांवों को नहरी पानी मिल रहा है। इनमें से बहुत से गांवों ने 20-50 सालों से नहरी पानी नहीं देखा था।”

    उन्होंने यह भी बताया कि चीमा माइनर, फिल्लौर माइनर, करमगढ़ लिंक, राजपुरा, पातड़ां, घग्गर और कोटला जैसी नई नहरी प्रणालियों ने क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

    बुनियादी ढांचे के विस्तार के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने कई जिलों में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 8 नई नहरें बनाई हैं और 18 पंप सिस्टम चालू किए हैं।”

    भूजल संरक्षण के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी कोशिशों के कारण भूजल पर निर्भरता काफी हद तक कम की गई है। गुरदासपुर के एक गांव में भूजल की निकासी 61.48 प्रतिशत से घटकर लगभग 31 प्रतिशत हो गई है, जो एक शानदार उपलब्धि है। इससे आने वाली पीढ़ियों को लाभ होगा।” उन्होंने आगे कहा कि सरकार का उद्देश्य सतही पानी (सर्फेस वाटर) के उपयोग को और बढ़ाना तथा भूजल स्रोतों पर निर्भरता कम करना है।

    आपदा प्रबंधन और पर्यावरण बहाली के बारे में उन्होंने कहा कि बाढ़ की रोकथाम और पानी प्रबंधन के उद्देश्य से 195 कार्यों के लिए राज्य आपदा राहत कोष से 477 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। हमने 199 डी-सिल्टिंग साइटों की पहचान की है और जंगी स्तर पर नालों की सफाई के लिए नई चेन-माउंटेड मशीनें तैनात की हैं।

    उन्होंने आगे कहा, “अवैध कब्जों को रोकने और जान-माल की रक्षा के लिए पंजाब नहर और ड्रेनेज एक्ट, 2023 के तहत 850 में से 849 नालों को नोटिफाई किया गया है।”

    लंबे समय से रुके बुनियादी ढांचे संबंधी प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “शाहपुर कंडी डैम प्रोजेक्ट, जो 25 सालों से अधिक समय से लटका हुआ था, अब 3394.49 करोड़ रुपए की लागत से पूरा हो गया है। इससे रणजीत सागर डैम की क्षमता बढ़ेगी और पाकिस्तान के इलाके में बहने वाले हमारे पानी पर रोक लगेगी।”

    पंजाब की आध्यात्मिक भावना का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “हम अपने गुरुओं के महान संदेश ‘पवणु गुरू पाणी पिता माता धरति महतु॥’ से प्रेरणा लेते हैं और हम अपने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

    उन्होंने आगे कहा कि सिंचाई विभाग को राजस्व उत्पन्न करने वाले मॉडल के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि हमने पर्यटन को प्रोत्साहित करने और राजस्व उत्पन्न करने के लिए बोटिंग सुविधाएं, आराम घर, हेडवर्क्स और अन्य बुनियादी ढांचे सहित 26 पर्यटन स्थल विकसित किए हैं।

    इस मौके जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल और अन्य व्यक्तित्व भी मौजूद थे।

    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleधुरंधर 2′ की टिकट पॉपकॉर्न से भी सस्ती, सिर्फ ₹80 में सीट पाने के लिए टूटी एडवांस बुकिंग पर भीड़
    Next Article भारतीय शेयर बाजार को मिला वैश्विक तेजी का फायदा
    श्वेता चौहान

      मिलती जुलती ख़बरें

      प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए 31 जुलाई तक करें आवेदन

      June 20, 2026

      CM मान बोले- अकालियों को ख्याली दुनिया से बाहर आ जाना चाहिए

      June 20, 2026

      मुकेरियां के डागन गांव में प्रवासी मजदूर ने पत्नी की चाकू…

      June 19, 2026

      Punjab News: मानसा और कुराली नगर परिषद अध्यक्षों के चुनाव पर रोक

      June 19, 2026

      CM मान ने लिंक रोड शाहकोट-लोहियां इलाके प्रोजेक्ट की…

      June 19, 2026

      24, 25 और 26 जून को होगी हड़ताल, मुख्यमंत्री आवास पर…

      June 19, 2026
      Add A Comment
      Leave A Reply Cancel Reply

      ताज़ा खबर

      स्मार्टवॉच और मोबाइल बैन, पगड़ी-हिजाब पर नहीं रोक

      By अंकित कुमारJune 20, 2026

      NEET Exam Guidelines: स्मार्टवॉच और मोबाइल बैन, पगड़ी-हिजाब पर नहीं रोक एनटीए ने नीट-यूजी परीक्षा…

      प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए 31 जुलाई तक करें आवेदन

      June 20, 2026

      FIFA World Cup की सबसे ग्लैमरस फैन ने बढ़ाया पारा, स्टेडियम से वायरल हुईं तस्वीरें

      June 20, 2026
      चर्चित ख़बरें

      देशवासियों को आज एक और झटका, रसोई गैस हुई महँगी

      दिल्ली की दिनभर की 10 बड़ी ख़बरें, रोज़ पढ़ें और अपडेट रहें

      मेहनत कर बन्दे, तू मेहनत से क्या कुछ नहीं पायेगा

      Subscribe to News

      Get the latest sports news from NewsSite about world, sports and politics.

      Advertisement

      TBK Media Private Limted

      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram
      • Editorial Team
      • Corrections Policy
      • Ethics Policy
      • Fact-Checking Policy
      • List ItemOwnership & Funding Information
      • Disclaimer
      • Sitemap
      © 2026 TBK Media Private Limited. Designed by Parmod Risalia.
      • About Us
      • Contact Us
      • Privacy Policy

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.