Mumbai Bomb Threat News: स्वतंत्रता दिवस से पहले देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को बम धमाकों से दहलाने की धमकी मिली है। मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े के आधिकारिक ईमेल पर एक धमकी भरा संदेश भेजा गया है। इसमें 15 अगस्त से पहले शहर में बम विस्फोट करने की बात कही गई है। ईमेल में मेयर कार्यालय, मुंबई मेट्रो, स्कूलों और शेयर बाजार को निशाना बनाने की धमकी दी गई है। घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई पुलिस और साइबर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं।
मेयर के ईमेल पर भेजी गई धमकी
जानकारी के अनुसार मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े के आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक धमकी भरा ईमेल भेजा गया। इस ईमेल में दावा किया गया है कि 15 अगस्त से पहले मुंबई में बम धमाके किए जाएंगे। धमकी देने वाले ने शहर के कई महत्वपूर्ण स्थानों और सार्वजनिक संस्थानों का नाम लेते हुए उन्हें निशाना बनाने की बात कही है। ईमेल में विशेष रूप से मेयर कार्यालय, मुंबई मेट्रो, स्कूलों और शेयर बाजार का जिक्र किया गया है। इन स्थानों पर बम विस्फोट की धमकी दिए जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लिया है।
बच्चों को स्कूल न भेजने की चेतावनी
धमकी भरे ईमेल में लोगों के बीच डर फैलाने की भी कोशिश की गई है। इसमें अभिभावकों से कहा गया है कि वे अपने बच्चों को स्कूल न भेजें और आम लोगों को मुंबई मेट्रो में यात्रा न करने की चेतावनी दी गई है। ईमेल में कुछ खालिस्तान समर्थक नारे और कुछ व्यक्तियों के नाम भी लिखे गए हैं। हालांकि जांच एजेंसियां फिलहाल इन दावों की सत्यता की जांच कर रही हैं और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
पहले भी मिल चुके हैं धमकी भरे ईमेल
यह पहली बार नहीं है जब मेयर ऋतु तावड़े को इस तरह का ईमेल मिला हो। जानकारी के अनुसार, इससे पहले भी उन्हें दो बार धमकी भरे ईमेल मिल चुके हैं। लगातार मिल रही धमकियों को देखते हुए पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सभी ईमेल एक ही व्यक्ति या समूह की ओर से भेजे गए हैं या नहीं। धमकी मिलने के बाद मुंबई पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच साइबर पुलिस को भी सौंपी गई है। जांच एजेंसियां ईमेल के आईपी एड्रेस, सर्वर, स्रोत और भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हैं। साइबर विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ईमेल किस स्थान से भेजा गया, इसमें किसी फर्जी पहचान का इस्तेमाल हुआ या नहीं और इसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है।

