Haryana News: हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने कहा है कि प्रदेश में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। ब्लैक स्पॉट की पहचान, ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का आधुनिकीकरण, जागरूकता अभियान और नई तकनीकों के उपयोग से सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में Indian Roads Congress (IRC) और लोक निर्माण विभाग, हरियाणा द्वारा आयोजित ‘सड़क सुरक्षा समाधान’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा सहित 350 से अधिक विशेषज्ञ, अभियंता, शोधकर्ता और नीति-निर्माता शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क केवल एक भौतिक संरचना नहीं, बल्कि विकास की जीवन रेखा है, जो गांवों को शहरों से, किसानों को बाजार से और युवाओं को अवसरों से जोड़ती है। हालांकि उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि यह केवल तकनीकी नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय जिम्मेदारी का विषय है।
उन्होंने यातायात नियमों के पालन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना और गति सीमा का पालन जैसी छोटी-छोटी आदतें जीवन बचा सकती हैं। साथ ही स्कूलों, कॉलेजों और समाज के हर वर्ग में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर भी बल दिया।
मुख्यमंत्री ने Narendra Modi के ‘विकसित भारत 2047’ विजन का जिक्र करते हुए कहा कि सुरक्षित और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में हरियाणा में 43,703 किलोमीटर सड़कों का सुधार और 2,417 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया गया है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हजारों किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया है और रेलवे क्रॉसिंग की समस्या से राहत के लिए 97 रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास बनाए गए हैं। राज्य में 21 नए राष्ट्रीय राजमार्गों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें से कई बनकर तैयार हो चुके हैं।
सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 7 नए चालक प्रशिक्षण संस्थान शुरू किए हैं, जिससे कुल संख्या 22 हो गई है। अब तक करीब 3.5 लाख चालकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही, करनाल स्थित कंट्रोल रूम से राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर हाईटेक कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी मदद से ओवरस्पीडिंग पर लाखों ई-चालान किए गए हैं।
तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देते हुए सरकार ने Sanjaya App भी लॉन्च किया है, जो सड़क दुर्घटनाओं के डेटा विश्लेषण और प्रबंधन में मदद कर रहा है। इसके अलावा हरियाणा-112 आपातकालीन सेवा को भी ट्रैफिक हेल्पलाइन से जोड़ा गया है।

