हवा के साथ ही अब ईरान पर होगा जमीनी हमला, मिडिल ईस्ट पहुंचे हजारों अमेरिकी सैनिक
West Asia Crisis (द भारत ख़बर), वॉशिंगटन/तेहरान : अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे संयुक्त हमलों को एक माह से ज्यादा समय बीत चुका है। इन हमलों में ईरान को व्यापक नुकसान तो पहुंचा है लेकिन उसने अभी तक हार नहीं मानी है। इसी के साथ ईरान ने जवाबी हमलों में दोनों देशों भी नुकसान पहुंचाया है। लेकिन अब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर अंतिम प्रहार की तैयारी कर ली है।
जानकारी के अनुसार अमेरिका अब इस युद्ध में हवाई हमलों के साथ जमीनी हमले की भी तैयारी कर ली है। हालांकि राष्ट्रपति ट्रम्प ने अभी तक जमीनी हमले की मंजूरी नहीं दी है। बावजूद इसके 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के 3500 अमेरिकी सैनिक मिडिल ईस्ट पहुंच चुके हैं। उनके साथ ट्रांसपोर्ट और लड़ाकू विमान भी भेजे गए हैं। हजारों अतिरिक्त सैनिक, टैंक, जंगी बेड़े, फाइटर जेट्स भेजने की योजना है।
अमेरिका और इजरायल अधिकारियों ने बनाई योजना
यूएस सेंट्रल कमांड के चीफ ब्रैड कूपर ने इजरायल में इजरायली सेना के चीफ इयाल जमीर और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की। इस बैठक में ईरान से जुड़े संघर्ष और उसके हथियार उत्पादन को रोकने के उपायों पर चर्चा हुई। इजरायली सेना के प्रवक्ता ने कहा कि आने वाले कुछ दिनों में ईरान की सैन्य उत्पादन क्षमता को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
ईरान में पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला
ईरान के उत्तरी इलाके में सोमवार सुबह एक पेट्रोकेमिकल फैक्ट्री पर हमला हुआ। स्थानीय मीडिया के अनुसार तब्रिज पेट्रोकेमिकल के एक प्लांट को निशाना बनाया गया। राहत की बात यह रही कि इस हमले में कोई खतरनाक रसायन बाहर नहीं फैला। यह फैक्ट्री तेल और प्राकृतिक गैस से प्लास्टिक और अन्य जरूरी रसायन बनाने का काम करती है, जो रोजमर्रा के कई सामानों में इस्तेमाल होते हैं। वहीं पश्चिम एशिया में युद्ध के पहले महीने में ईरान के संयुक्त सैन्य कमांड के प्रवक्ता ने रविवार को कहा कि अब अमेरिका और इस्राइल के अधिकारियों के निजी घर ईरान के लिए वैध लक्ष्य बन गए हैं। इस फैसले का मकसद पश्चिम एशिया में रहने वाले अमेरिकी और इस्राइली सैन्य तथा राजनीतिक अधिकारियों को चेतावनी देना है।
लेबनान में भी बढ़ रहा तनाव
इधर, लेबनान में भी तनाव बढ़ता दिख रहा है। दक्षिणी लेबनान के अडचित अल-कुसैर इलाके में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन (यूएनआईएफआईएल) के ठिकाने पर एक प्रोजेक्टाइल गिरने से एक शांति सैनिक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। यूएनआईएफआईएल ने कहा कि यह प्रोजेक्टाइल कहां से आया, इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
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