ईरान के साथ बातचीत के लिए जेडी वेंस पाकिस्तान रवाना
Iran US War Ceasefie, तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: ईरान के साथ अहम बातचीत के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान रवाना हो गए हैं। रवाना होते वक्त उन्होंने कहा कि ईरान ईमानदारी से बातचीत करे और कोई खेल न खेले। वेंस ने कहा कि अगर तेहरान गुड फेथ में बात करेगा, तो अमेरिका भी खुले तौर पर बातचीत के लिए तैयार है।
लेकिन अगर वह चालाकी करने की कोशिश करता है, तो अमेरिकी टीम सख्त रुख अपनाएगी। इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच अहम बैठक होने वाली है। लेकिन बैठक से पहले ही अनिश्चितता बनी हुई है क्योंकि ईरानी डेलिगेशन अब तक पाकिस्तान नहीं पहुंचा है।
ईरानी डेलिगेशन अब तक पाकिस्तान नहीं पहुंचा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान लेबनान में जारी इजराइली हमलों से नाराज है और इसी वजह से उसने बातचीत को लेकर सख्त रुख अपनाया है। इससे पहले खबर आई थी कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच चुका है, लेकिन ईरानी मीडिया ने इन दावों को खारिज कर दिया। गौरतलब है कि 8 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बनी थी।
ईरान ने अमेरिका के सामने रखी शर्त, जब तक लेबनान में सीजफायर लागू नहीं होता तब तक बातचीत शुरू नहीं होगी
ईरान ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित बातचीत को लेकर सख्त शर्त रख दी है। संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा है कि जब तक लेबनान में सीजफायर लागू नहीं होता तब तक बातचीत शुरू नहीं होगी। उन्होंने ईरान के फ्रीज किए गए फंड जारी करने की मांग की।गालिबाफ ने साफ किया कि ये दोनों मुद्दे वार्ता से पहले हल होना जरूरी हैं।
ट्रम्प बोले- अगर डील नहीं होती, तो अमेरिका फिर हमला करेगा
दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अगर डील नहीं होती, तो अमेरिका फिर हमला करेगा। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी युद्धपोतों को सबसे बेहतरीन हथियारों से लैस किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल किया जाएगा।
पाक पीएम को शांति का नोबेल देने की मांग
पाकिस्तान की पंजाब असेंबली में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और उपप्रधानमंत्री इशाक डार को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने का प्रस्ताव पेश किया गया है। जियो न्यूज के मुताबिक पीएमएल-एन के विधायक राणा मुहम्मद अरशद ने प्रस्ताव पेश किया। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान के नेताओं की मध्यस्थता से ही अमेरिका-ईरान के बीच 2 हफ्ते का सीजफायर हो पाया और इससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता का रास्ता तैयार हुआ।
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