
एसोसिएशन आॅफ इंडिया के रूल आॅफ लॉ कन्वेंशन 2026 में बोल रहे थे सीजेआई सूर्यकांत
CJI Surya Kant, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि भारत को 10 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनॉमी बनाने के लिए सिर्फ पूंजी और पॉलिसी काफी नहीं होंगी। इसके लिए मजबूत और भरोसेमंद कानूनी व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी होगी। निवेशकों का भरोसा इसी पर टिका होता है। जस्टिस सूर्यकांत शनिवार को बार एसोसिएशन आॅफ इंडिया के रूल आॅफ लॉ कन्वेंशन 2026 में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक लक्ष्य नहीं, बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा बड़ा सवाल है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने भरोसा जताया कि देश इस चुनौती को पूरा करेगा, लेकिन इसके लिए कानून की गुणवत्ता, स्थिरता और पारदर्शिता जरूरी होगी, क्योंकि इसी पर आर्थिक वादों और निवेश का आधार टिका होता है।
भारत को लंबी अवधि के निवेश की जरूरत
सीजेआई ने कहा कि अब भारत को ऐसे निवेश की जरूरत है जो जल्दी मुनाफा कमाने के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय तक टिके रहने वाले हों और भरोसे पर आधारित हों। जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर में पेंशन फंड का पैसा लगाना, टेक कंपनियों का अपना ज्ञान साझा करना या बड़ी विदेशी कंपनियों का सप्लाई चेन बनाना- ये सब लंबे समय की जिम्मेदारियां होती हैं।
उन्होंने कहा कि निवेशक सबसे पहले ये देखते हैं कि जिस देश में वे पैसा लगा रहे हैं, वहां का कानून आगे भी ईमानदार, स्थिर और भरोसेमंद रहेगा या नहीं। उनके मुताबिक असली बात सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट निभाने की नहीं है, बल्कि पूरे रिश्ते में भरोसा बनाए रखने की है।
20 साल में बिजनेस विवादों का नेचर बदल गया है
उन्होंने ये भी बताया कि पिछले 20 साल में बिजनेस विवादों का नेचर बदल गया है। पहले झगड़े आम तौर पर पेमेंट या सामान की सप्लाई जैसे सीधे मुद्दों पर होते थे, लेकिन अब ये लंबे और जटिल कारोबारी रिश्तों से जुड़े होते हैं, क्योंकि अर्थव्यवस्था भी बड़ी और जटिल हो गई है। सीजेआई ने कहा कि अब कानून की जिम्मेदारी सिर्फ समझौते के वक्त तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पूरे कारोबारी रिश्ते के दौरान भी न्याय बना रहना चाहिए।
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