
अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस अपनी टीम के साथ अमेरिका के लिए रवाना
Iran US Ceasefire Talks, तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी/इस्लामाबाद: ईरानी सेना ने एक अमेरिकी जहाज को हार्मुज स्ट्रेट से वापस लौटा दिया। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, एक अमेरिकी युद्धपोत फुजैराह बंदरगाह से होर्मुज की ओर बढ़ रहा था। ईरान की सेना ने इस जहाज की गतिविधियों पर नजर रखी और इसकी जानकारी पाकिस्तान में मौजूद डेलिगेशन को दी। इसके बाद ईरानी टीम ने पाकिस्तानी मध्यस्थ के जरिए तुरंत अमेरिका को मैसेज भेजा।
ईरान ने मैसेज भेजा कि अगर यह जहाज होर्मुज के करीब आया, तो उस पर हमला किया जाएगा। यहां तक कहा गया कि अगर जहाज आगे बढ़ा, तो 30 मिनट के भीतर उसे निशाना बनाया जाएगा और इसका असर अमेरिका-ईरान बातचीत पर भी पड़ेगा। बताया गया है कि सेना की सख्त प्रतिक्रिया और बातचीत टीम की चेतावनी के बाद अमेरिकी वॉरशिप को आगे बढ़ने से रोकने का फैसला लिया गया।
इससे पहले अमेरिकी वेबसाइट वॉल स्ट्रीट की रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि ईरानी नौसेना की धमकियों के बावजूद 2 अमेरिकी वॉरशिप होर्मुज पार कर गए। जंग शुरू होने के बाद यह पहली बार था जब किसी अमेरिकी जहाज ने ऐसा किया है।
बातचीत बेनतीजा रहना ईरान के लिए बुरी खबर
वहीं, पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच शांति को लेकर चल रही बातचीत बेनतीजा रही। यह 21 घंटे से ज्यादा समय तक चली। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों के बीच होर्मुज स्ट्रेट खोलने और न्यूक्लियर प्रोग्राम पर पेंच फंसा है। वेंस अपनी टीम के साथ अमेरिका के लिए रवाना हो गए हैं। लौटने से पहले उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने कहा कि अमेरिका बिना डील के लौट रहा है। यह अमेरिका से ज्यादा ईरान के लिए बुरी खबर है।
ईरान का जवाब
वेंस ने यह भी कहा कि किसी भी समझौते के लिए जरूरी है कि ईरान ये वादा करे कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। अमेरिका की शर्तें स्पष्ट थीं, लेकिन ईरान ने उन्हें नहीं माना। वेंस ने यह भी कहा कि आगे समझौते की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा, हम उन्हें फाइनल आॅफर देकर जा रहे हैं। अब देखना है कि ईरान इसे मानता है या नहीं। वहीं, ईरान ने कहा कि अमेरिका की शर्तें जरूरत से ज्यादा सख्त थीं। इस वजह से समझौते का रास्ता नहीं निकल पाया।
शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट से 60 लाख बैरल कच्चा तेल पार हुआ
वहीं, समुद्र में निगरानी करने वाले ग्रुप टैंकरट्रैकर्स के मुताबिक, शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट से करीब 60 लाख बैरल कच्चा तेल बाहर भेजा गया। इसमें करीब 20 लाख बैरल इराक का और 40 लाख बैरल सऊदी अरब का तेल शामिल था, जिसे तीन बड़े तेल टैंकरों के जरिए भेजा गया। रिपोर्ट के अनुसार, इन टैंकरों में से एक ग्रीस की कंपनी का है, जबकि बाकी दो टैंकर चीनी कंपनियों के हैं।
अक्सर भड़काऊ और विवादित होती हैं ट्रम्प की सोशल मीडिया पोस्ट्स
ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने कहा कि इस जंग में शामिल न होने का फैसला सही था। उन्होंने ट्रम्प की सोशल मीडिया पोस्ट्स की आलोचना करते हुए कहा कि वे अक्सर भड़काऊ और विवादित होती हैं और कई बार उनका मतलब साफ नहीं होता।
स्ट्रीटिंग ने कहा, अब हम यह समझ चुके हैं कि ट्रम्प को उनके कहे से नहीं, बल्कि उनके काम से आंकना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पूरे विवाद का हल सिर्फ बातचीत से ही निकल सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसा समझौता होना चाहिए जिससे ईरान के लिए परमाणु हथियार बनाना पूरी तरह असंभव हो जाए।
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को टोल देना होगा
अमेरिका-ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर बयानबाजी तेज हो गई है। ईरान के उप संसद अध्यक्ष हाजी बाबाई ने कहा है कि यह स्ट्रेट ईरान के कंट्रोल में है। उन्होंने इसे तेहरान की रेड लाइन बताया और कहा कि यहां से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी करेंसी रियाल में टोल देना होगा। इससे पहले कल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने दावा किया था कि अमेरिका इस रास्ते से बिछी बारूदी माइंस हटा रहा है। उन्होंने कहा था कि यह समुद्री रास्ता जल्द ही खुल जाएगा। अमेरिकी सेना ने भी दावा किया था कि उनके जहाज इस रास्ते से गुजर चुके हैं। हालांकि कुछ देर बाद ही ईरान ने अमेरिका के इन दावों को गलत बताया था।
सैन्य जहाज गुजरा तो कार्रवाई करेंगे
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी थी कि अगर कोई सैन्य जहाज यहां से गुजरने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ईरान और अमेरिका के बीच कल पाकिस्तान में 21 घंटे चली शांति वार्ता बेनतीजा रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों के बीच होर्मुज स्ट्रेट खोलने और न्यूक्लियर प्रोग्राम पर पेंच फंसा है।
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