- बच्चों को मजदूरी के लिए लुधियाना ले जाया जा रहा था
Ambala News | मेरा हरियाणा नेटवर्क | अंबाला। जिला युवा विकास संगठन, अंबाला को जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन से एक गोपनीय सूचना प्राप्त हुई कि ट्रेन संख्या 15211 जन नायक एक्सप्रेस के माध्यम से बच्चों को पंजाब राज्य में मजदूरी के उद्देश्य से ले जाया जा रहा है। जिसके बाद मंगलवार रात्रि लगभग 09:22 बजे संगठन के प्रधान परमजीत सिंह बड़ोला ने तुरंत कार्यक्रम समन्वयक अजय तिवारी एवं अन्य कर्मचारियों के साथ संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर बचाव अभियान प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
इसके उपरांत संगठन द्वारा आरपीएफ अंबाला कैंट, जीआरपी अंबाला कैंट, मानव तस्करी निरोधक इकाई तथा बाल कल्याण समिति अंबाला को सूचित किया गया। संयुक्त टीम द्वारा ट्रेन में विशेष तलाशी अभियान चलाया गया, जिसके दौरान 10 बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराया गया। प्राथमिक पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि 9 बच्चे बिहार राज्य के निवासी हैं तथा 1 बच्चा पंजाब राज्य का रहने वाला है।
ये सभी बच्चे लुधियाना स्थित कपड़ा, सरिया एवं अन्य कारखानों में कार्य कराने के उद्देश्य से जा रहे थे। उक्त व्यक्ति की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है तथा उसकी तलाश की जा रही है। साथ ही बच्चों के परिजनों का पता लगाने का कार्य भी प्रगति पर है। जिला युवा विकास संगठन की टीम द्वारा बच्चों से संवाद स्थापित कर उनकी सुरक्षा एवं मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
मेडिकल करवाने के बाद बच्चों को ओपन शेल्टर होम भिजवाया गया
दैनिक विवरण रिपोर्ट एवं चिकित्सीय परीक्षण की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति, अंबाला की अध्यक्षा रंजीता सचदेवा के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति द्वारा विचार-विमर्श के उपरांत बच्चों को देखभाल एवं संरक्षण हेतु ओपन शेल्टर होम अंबाला कैंट भेजने के आदेश पारित किए गए।
बाल श्रम के मामले बढ़ना चिंता का विषय : बड़ोला
संगठन के प्रधान परमजीत सिंह बड़ोला ने बताया कि देशभर में बाल तस्करी एवं बाल श्रम के मामलों में निरंतर वृद्धि अत्यंत चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में अंबाला विभिन्न ट्रेनों में इस प्रकार के अभियान चलाकर 46 बच्चों को मुक्त कराया जा चुका है तथा आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की गई है। संगठन भविष्य में भी इसी प्रकार बाल तस्करी के विरुद्ध अभियान जारी रखेगा क्योंकि बच्चे किसी भी राष्ट्र का भविष्य होते हैं।
और भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का शोषण सही नहीं है। हाल ही में जारी राष्ट्रीय प्रतिवेदन के अनुसार अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के दौरान 53,651 बच्चों को तस्करी, बाल श्रम एवं अन्य प्रकार के शोषण से मुक्त कराया गया, जिनमें से लगभग 90 प्रतिशत बच्चे सबसे खतरनाक श्रेणी के बाल श्रम में सम्मिलित पाए गए ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि आर्थिक तंगी, झूठे रोजगार के प्रलोभन एवं कमजोर संरक्षण तंत्र के कारण बच्चे तस्करी के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बने हुए हैं।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों, संगठनों एवं आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस अथवा संबंधित प्राधिकरणों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कर बच्चों की सुरक्षा की जा सके। इस अभियान में मौजूद सभी पुलिस एवं प्रशासन का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिसके लिए संगठन उनका धन्यवाद करता है। वर्तमान में जिला युवा विकास संगठन, अंबाला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा बच्चों के परिजनों की खोज की जा रही है।
अभियान में ये रहे मौजूद
इस बचाव अभियान में संगठन की ओर से अजय तिवारी, हरदीप नडियाली, हाकम सिंह, हरविंदर सिंह एवं परगट सिंह सम्मिलित रहे। वहीं आरपीएफ अंबाला कैंट से थाना प्रभारी रविंदर सिंह, एस.आई. कविता, मानव तस्करी निरोधक इकाई से एस.आई. नरेंद्र कुमार तथा जसविंदर सिंह अपनी टीम सहित उपस्थित रहे।
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