
प्रियंका गांधी का जवाब- बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं पहचान लेती है
Parliament Women Reservation Bill, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधनों पर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस जारी है। दोनों पक्ष जमकर एक दूसरे पर निशाना साध रहे है। गुरुवार को महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधनों पर बोलते हुए पीएम ने कहा, परिसीमन में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। यह मोदी की गारंटी है और वादा है। विपक्ष इसका क्रेडिट ले सकता है।
वहीं पीएम के बयान पर प्रियंका गांधी ने कहा, वे (पीएम) कह रहे हैं कि उन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए। मैं कहती हूं कि बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं पहचान लेती है। सावधान हो जाइए नहीं तो पकड़े जाएंगे। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि एक नैरेटिव गढ़ा जा रहा है कि 3 बिलों से साउथ के राज्यों की लोकसभा सीटें कम हो जाएंगी।
उन्होंने कहा, लोकसभा की कुल 543 सीटों में दक्षिण राज्यों की 129 सीटें हैं। परिसीमन के बाद यह बढ़कर 195 हो जाएंगी। तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 होंगी। बिलों पर चर्चा के लिए 16 और 17 अप्रैल को 15 घंटे का समय तय किया गया है। कल शाम 4 बजे वोटिंग की जाएगी। संशोधन बिल में लोकसभा सांसदों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव है।
मैं क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं
पीएम ने कहा, यहां कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है। इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वभाविक है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा। अगर साथ चलेंगे तो किसी को भी नहीं होगा। फिर अलग पहलू हो जाता है। हमें क्रेडिट नहीं चाहिए जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने तैयार हूं। सबकी फोटो छपवा देंगे। ले लो जी क्रेडिट। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।
डीएमके सांसदों पर साधा निशाना
हमारे यहां परंपरा है कि अच्छे काम में किसी की नजर न लगे इसके लिए काला टीका लगाते हैं, इसलिए मैं आपका (डीएमके) धन्यवाद करता हूं। दरअसल, पीएम ने डीएमके का नाम लिए बिना जिक्र किया। डीएमके सांसद आज परिसीमन बिल का विरोध करने के लिए काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे थे।
शाह ने बताया, लोकसभा की 850 सीटों का आंकड़ा कैसे आया
अमित शाह ने कहा, सरकार जातीय जनगणना नहीं कराना चाहती। यह भी झूठ है। जनगणना दो हिस्सों में होती है पहले मकानों को इंगित किया जाता है। फिर रहवासियों से पूछा जाता है। अभी मकानों की कोई जातीय व्यवस्था नहीं है, इसलिए नहीं होती। 850 का आंकड़ा कहां से आया, मैं समझाता हूं। मानों 100 सीटें हैं जिसमें 33% आरक्षण देना है तो उसमें 50 सीटें बढ़ाते है तो सीटें 150 होती हैं। 850 राउंड आॅफ फिगर है। कल इसके बारे में डिटेल में बताऊंगा।
साउथ के राज्यों में सीटें कम नहीं होंगी
अमित शाह ने कहा, पूरी चर्चा पर सभी सवालों का जवाब मैं कल दूंगा, लेकिन आज भी कुछ जवाब देने हैं, ताकि स्पष्टता बनी रहे। एक सबसे बड़ा नैरेटिव खड़ा किया जा रहा है कि ये जो 3 बिल हैं। वो आने से साउथ के राज्यों की क्षमता लोकसभा में कम हो जाएगी। मैं बिल जो सदन के सामने है। उसका प्रैक्टिकली बता रहा हूं। कर्नाटक राज्य में 28 सीटें हैं ये बिल पारित होने के बाद कर्नाटक की संख्या 42 हो जाएगी और प्रतिशत 5.14 हो जाएगा।
आंध्र प्रदेश में अभी 25 सीटें हैं उसका प्रतिशत 4.60% है। बिल पारित होने के बाद सीटें 38 हो जाएंगी। तेलंगाना में 17 सीटे हैं उसका 3,13% है। बाद में बढ़कर 26 हो जाएंगी। तमिलनाडु में 39 सांसद हैं उसका प्रतिशत 7.18% है। यह बढ़कर 59 सांसद हो जाएंगे। नए सदन में प्रतिशत 7.23 हो जाएगा। केरल में 20 सांसद हैं, 3.68% सांसद है। जो बढ़कर 30 सांसद हो जाएंगे।
टीडीपी आई बिल के समर्थन में
महिला आरक्षण विधेयक पर लोकसभा में बोलते हुए टीडीपी सांसद बायरेड्डी शबरी ने कहा, आज बड़े गर्व के साथ मैं ऐतिहासिक नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन करती हूं। तेलुगु देशम पार्टी की ओर से इस कदम का स्वागत करती हूं।
आप सांसद संजय सिंह बोले- आरक्षण का समर्थन, बशर्ते 543 सीटों पर लागू हो
सरकार के इस बयान पर कि सभी राज्यों में लोकसभा की सीटों में 50% की बढ़ोतरी होगी। इस पर आप नेता संजय सिंह ने कहा कि उन्हें इसका फॉर्मूला बताना चाहिए कि यह कैसे किया जाएगा, लोकसभा की सीटों में 50% की बढ़ोतरी कैसे होगी। अगर आप इसे 2011 की जनगणना के आधार पर कर रहे हैं, तो 2026 में जो जनगणना होने वाली है। उसको ध्यान में क्यों नहीं रख रहे। हम 33% आरक्षण का समर्थन करेंगे, बशर्ते यह 543 सीटों के आधार पर लागू किया जाए।
परिसीमन पर कई सवाल, सरकार 2 दिन में निपटाना चाहती है
महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि हमें महिला आरक्षण से कोई दिक्कत नहीं है। वे इसे तुरंत लागू कर सकते हैं, लेकिन इसमें परिसीमन को क्यों शामिल किया जा रहा है। ये हमारा सवाल है क्योंकि परिसीमन से जुड़े कई मुद्दे हैं। इस पर लंबी चर्चा की जरूरत है, लेकिन वे इसे 2-3 दिनों में ही निपटा देना चाहते हैं, जो मुमकिन नहीं है। दक्षिणी राज्यों के भी इस पर बड़े सवाल हैं। अगर सरकार सच में यह महिला आरक्षण चाहती है, तो वे इसे 2023 में ही कर सकते थे।
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