Parliament, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: हरिवंश नारायण सिंह लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति बन गए हैं। विपक्ष की ओर से कोई नाम न आने पर उन्हें आज निर्विरोध चुना गया। यह पहला मौका है, जब किसी मनोनीत सदस्य को राज्यसभा का उपसभापति चुना गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व अन्य नेताओं ने उन्हें तीसरे कार्यकाल के लिए बधाई दी है।
सदन के प्रति गहरे विश्वास का परिणाम
राज्यसभा सचिवालय को हरिवंश के समर्थन में 5 प्रस्ताव मिले थे। पहला प्रस्ताव सदन के नेता जेपी नड्डा ने रखा, जबकि दूसरा प्रस्ताव बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हरिवंश जी का राज्यसभा उपसभापति के तौर पर लगातार तीसरी बार निर्वाचित होना इस बात का प्रमाण है कि सदन को उनके ऊपर गहरा भरोसा है। अतीत में सदन को जो आपके अनुभव का फायदा मिला है, उस पर एक तरह से सदन ने आज मुहर लगा दी। सबको साथ लेकर चलने के आपके प्रयास का यह नतीजा है कि आपको निर्विरोध तीसरी बार राज्यसभा का उपसभापति चुना गया है।
साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं हरिवंश
गौरतलब है कि हरिवंश लोकनायक जयप्रकाश नारायण के गांव सिताब दियारा के रहने वाले हैं और वह एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वह अर्थशास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। यह डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने 1980 के दशक में हिंदी अखबार ‘धर्मयुग’ से बतौर पत्रकार अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद वह बैंक आॅफ इंडिया में गवर्नमेंट अफसर के तौर पर कार्यरत रहे। हालांकि कुछ समय बाद उन्होंने यह नौकरी छोड़कर दोबारा पत्रकारिता शुरू कर दी। उनका परिवार नहीं चाहता था कि वह सरकारी नौकरी छोड़ें।
‘प्रभात खबर’ के संपादक रह चुके हैं हरिवंश
हरिवंश नारायण सिंह वर्ष 1989 में रांची से पब्लिश होने वाले हिंदी दैनिक समाचार पत्र ‘प्रभात खबर’ से जुड़े। इसके बाद नेतृत्व क्षमता व अपनी मेहनत की बदौलत वह संपादक बने। इसके बाद वर्ष 2014 में जनता दल (यूनाइटेड) जेडीयू से हरिवंश राज्यसभा सदस्य चुने गए। तब उन्होंने प्रभात खबर के संपादक पद से त्यागपत्र दे दिया। हरिवंश ने राज्यसभा सदस्य बनने से पहले अपनी एकमात्र राजनीतिक पारी पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पॉलिटिकल एडवाइजर के रूप में निभाई। इस बीच कांग्रेस ने चंद्रशेखर सरकार से समर्थन वापस ले लिया और हरिवंश फिर से अखबार में लौट आए।
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