देश के बैंकों को इससे निपटने के लिए मिलकर प्रयास करने होंगे
Bank Cyber Fraud (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह स्वीकार किया है कि वर्तमान में देश के सभी प्रमुख बैंकों के सामने जो सबसे बड़ी चुनौती है वह है एआई से संबंधित जोखिम। उन्होंने कहा कि आज तकनीक का इस्तेमाल करके लोग उपभोक्ताओं से बड़ी ठगी करते हैं। जिसे रोकने की जरूरत है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों के प्रमुखों के साथ एआई से जुड़े जोखिमों पर बैठक के बाद कहा कि भारत के बैंक तेजी से बढ़ते डिजिटलीकरण के कारण अब तक चुनौतियों और साइबर खतरों से निपटने में सक्षम रहे हैं, लेकिन अब उभरती नई तकनीकी चुनौतियों से निपटने के लिए और अधिक मजबूत व बहुआयामी तैयारी की जरूरत है।
देश का बैंकिंग तंत्र मजबूत और सुरक्षित
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत के बैंकिंग तंत्र ने अब तक खुद को सुरक्षित और सक्षम साबित किया है, लेकिन मौजूदा हालात में पारंपरिक सुरक्षा उपाय पर्याप्त नहीं होंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि मिथोस नाम से सामने आ रही नई चुनौती को लेकर अभी बहुत अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।
सभी को मिलकर काम करने के दिए निर्देश
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इस मामले में टेक कंपनियों, विभिन्न नियामक संस्थाओं और दुनिया भर की सरकारों के साथ सक्रिय रूप से संपर्क में है, ताकि यह समझा जा सके कि यह चुनौती किस रूप में सामने आ सकती है और उससे निपटने के लिए कैसी तैयारी जरूरी होगी। सीतारमण ने कहा कि सभी बैंकों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस समन्वित प्रयास का नेतृत्व एसबीआई के चेयरमैन करेंगे। आने वाले हफ्तों में बैंकों के बीच लगातार बैठकों और विचार-विमर्श का दौर चलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह एआई से नई चुनौतियां पैदा हो रही हैं, उसी तरह एआई का इस्तेमाल इन चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए भी किया जाएगा। सरकार और बैंकिंग क्षेत्र मिलकर ऐसी रणनीति तैयार करेंगे, जिससे डिजिटल बैंकिंग प्रणाली को और सुरक्षित बनाया जा सके।
ये भी पढ़ें : Share Market Update : तीन दिन में करीब 2600 अंक टूटा सेंसेक्स, निफ्टी भी आया नीचे

