सोमवार को सेंसेक्स में 639 तो निफ्टी में 194 अंक से ज्यादा की तेजी
Share Market Update (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : भारतीय शेयर बाजार भी सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए। शेयर बाजार के जानकारों ने इस तेजी के पीछे अमेरिका-ईरान वार्ता फिर से शुरू होने की उम्मीद और चौथी तिमाही के शानदार कॉपोर्रेट नतीजों ने शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा काफी बढ़ाया है। यही कारण है कि लगातार तीन कारोबारी सत्रों की भारी गिरावट के बाद, सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने जोरदार वापसी की ।
हालांकि, कच्चे तेल की कीमतें अभी भी 100 डॉलर प्रति बैरल के पार हैं और बाजार होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने की संभावनाओं पर नजर बनाए हुए है, लेकिन बैंकिंग, एफएमसीजी, कैपिटल गुड्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे घरेलू मांग वाले सेक्टर्स ने बाजार की रिकवरी में अहम भूमिका निभाई। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 639.42 अंक या 0.83 प्रतिशत की छलांग लगाकर 77,303.63 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबारी दिन के दौरान यह 755.83 अंक तक ऊपर जाकर 77,420.04 के उच्च स्तर को छू गया था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला निफ्टी 194.75 अंक या 0.81 प्रतिशत चढ़कर 24,092.70 के स्तर पर बंद हुआ।
सोने और चांदी भी चमके
सप्ताह के पहले ही कारोबारी दिन यानी सोमवार को भारतीय आभूषण बाजार में दोनों कीमती धातुओं के दाम में तेजी दिखाई दी। दिल्ली सर्राफा बाजार में जहां 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत (सभी करों सहित) में 200 रुपये की बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह 1,56,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। वहीं दिल्ली में चांदी की कीमतों में 3,500 रुपये की बड़ी रिकवरी देखी गई। इस उछाल के साथ चांदी का भाव 2.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है, जो पिछले कारोबारी सत्र में 2,47,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुरूआत में हाजिर सोना और चांदी मामूली गिरावट के साथ क्रमश: 4,704 डॉलर और 75.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहे थे। अमेरिका-ईरान वार्ता के अटकने से तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे विश्व स्तर पर महंगाई की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। हालांकि, बाद में सोने की कीमतों में सुधार हुआ और यह 4,710 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर हो गया। यह रिकवरी उन रिपोर्ट्स के बाद आई जिनमें कहा गया है कि ईरान ने अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक नया प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव में परमाणु वार्ता को टालना भी शामिल है। शांति वार्ता की इस उम्मीद के चलते बाजार की जोखिम लेने की क्षमता (रिस्क एपेटाइट) में सुधार हुआ और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में थोड़ी कमजोरी दर्ज की गई।

